जब एक​ दिन में फिल्मे 120 करोड़ कमा रही तो मंदी कहां है-रविशंकर प्रसाद

ravi shankar prsad
जब एक​ दिन में फिल्मे 120 करोड़ कमा रही तो मंदी कहां है-रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली। देश में चल रही आर्थिक मंदी को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अलग ही तरीके का तर्क दिया है। उन्होने कहा कि जब एक​ दिन में फिल्मों ने 120 करोड़ रूपये कमा लिये तो फिर देश में मंदी कहा है। इस दौरान उन्होने आधारभूत ढ़ांचा मजबूत होने का भी दावा किया है साथ ही उन्होने बताया कि मंहगाई पूरे नियंत्रण में है और FDI भी सर्वोच्च् स्तर पर है।

When Films Are Earning 120 Crores In A Day Then Where Is The Recession Ravi Shankar Prasad :

रविशंकर प्रसाद ने मंदी और फिल्मो की कमाई को जोड़ते हुए कहा कि गांधी जी की 150 वीं जंयती पर तीन बड़ी फिल्मे लगी थी जिन्होने सिर्फ 2 अक्टूबर को ही 120 करोड़ रूपये कमा लिये। अब फिल्मे एक दिन में करोड़ो रूपये की कमाई कर रही हैं तो फिर देश में मंदी कहा है।

मुंबई में शनिवार को हुई प्रेसवार्ता के दौरान रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि देश में लगातार विकास कार्य तेजी से हा रहे है, सड़कें, मोबाईल मेट्रो बन रही हैं, इससे विकास के साथ साथ लोगों को रोजगार ​भी मिल रहा है। उन्होने इस दौरान एनएसएसओ की ओर से नौकरी को लेकर जारी किए गए आंकड़ों को भी खारिज कर दिया। ऑटो कंपनियों की बिक्री कम होने के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होने मुनाफा कमाने का तर्क देते हुए कहा यह कम्नियों को खुद सोचना चाहिए।

नई दिल्ली। देश में चल रही आर्थिक मंदी को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अलग ही तरीके का तर्क दिया है। उन्होने कहा कि जब एक​ दिन में फिल्मों ने 120 करोड़ रूपये कमा लिये तो फिर देश में मंदी कहा है। इस दौरान उन्होने आधारभूत ढ़ांचा मजबूत होने का भी दावा किया है साथ ही उन्होने बताया कि मंहगाई पूरे नियंत्रण में है और FDI भी सर्वोच्च् स्तर पर है। रविशंकर प्रसाद ने मंदी और फिल्मो की कमाई को जोड़ते हुए कहा कि गांधी जी की 150 वीं जंयती पर तीन बड़ी फिल्मे लगी थी जिन्होने सिर्फ 2 अक्टूबर को ही 120 करोड़ रूपये कमा लिये। अब फिल्मे एक दिन में करोड़ो रूपये की कमाई कर रही हैं तो फिर देश में मंदी कहा है। मुंबई में शनिवार को हुई प्रेसवार्ता के दौरान रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि देश में लगातार विकास कार्य तेजी से हा रहे है, सड़कें, मोबाईल मेट्रो बन रही हैं, इससे विकास के साथ साथ लोगों को रोजगार ​भी मिल रहा है। उन्होने इस दौरान एनएसएसओ की ओर से नौकरी को लेकर जारी किए गए आंकड़ों को भी खारिज कर दिया। ऑटो कंपनियों की बिक्री कम होने के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होने मुनाफा कमाने का तर्क देते हुए कहा यह कम्नियों को खुद सोचना चाहिए।