…जब नवाज शरीफ ने कहा- वाजपेयी जी, आप तो पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं

...जब नवाज शरीफ ने कहा- वाजपेयी जी, आप तो पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं
...जब नवाज शरीफ ने कहा- वाजपेयी जी, आप तो पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं

When Nawaz Sharif Said Vajpayee Ji Now You Can Win Elections In Pakistan Too

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज निधन हो गया। 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में शाम 5.05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अटल जी को भारत-पाक रिश्तों में आई तब्दीलियों के लिए जाना जाता है। साल 1999 में वाजपेयी ने अपनी लाहौर यात्रा के दौरान एक भाषण में शांति की जोरदार अपील की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने टिप्पणी की थी, ‘‘वाजपेयी जी, अब तो आप पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकते हैं।’’ तो वाजपेयी जी का करिश्मा ऐसा था।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, उन्होंने नवाज शरीफ के साथ लाहौर घोषणा-पत्र पर दस्तखत किए थे। मुझे लाहौर के गवर्नर हाउस के लॉन से दिया गया उनका भाषण याद है, जिसमें एक संवाद की तरह वह पाकिस्तान के लोगों से मुखातिब हुए थे। उन्होंने इस भाषण में शांति की काफी जुनूनी अपील की थी। पाकिस्तान टेलीविजन ने इस भाषण का सीधा प्रसारण किया था।

पाकिस्तान के साथ शांति हासिल करने के अलावा अटलजी की सबसे बड़ी इच्छा थी कि जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल हो। साल 1998 में सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद हम छुट्टियां मनाने मनाली गए थे। एक विचार मंथन सत्र में अटलजी ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में संकेत दिए और कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता द्विपक्षीय वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों से संबंध सुधारना है और अन्य प्राथमिकताओं में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुलझाना शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

लेखक किंशुक नाग ने अपनी किताब – अटल बिहारी वाजपेयी: अ मैन फॉर ऑल सीजन में दोनों देशों के आपसी संबंधों पर का जिक्र किया है। पाकिस्तान में अटल विहारी वाजपेयी के समकक्ष नवाज शरीफ का भी संबंधों मानना था कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए। शरीफ ने पाकिस्तान आने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को निमंत्रण भेजा था।

पाकिस्तान भी नई बीजेपी सरकार की कमिटमेंट का टेस्ट करना चाहता था। अटल बिहारी वाजपेयी ने नवाज के निमंत्रण का सम्मान करते हुए 19 फरवरी 1999 की दोपहर में बस द्वारा पंजाब के अटारी-वाघा सीमा को पार किया। उनके साथ गए 20 प्रतिष्ठित लोगों में वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नायर, मल्लिका साराभाई जैसे सांस्कृतिक व्यक्तित्व और देव आनंद, जावेद अख्तर जैसे फिल्मी शख्सियतें भी शामिल थी। पूर्व प्रधानमंत्री की तरफ से शुरू की गई यह बस यात्रा दिल्ली से लाहौर जाने के लिए रोजाना की बस सेवा बन गई।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज निधन हो गया। 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में शाम 5.05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अटल जी को भारत-पाक रिश्तों में आई तब्दीलियों के लिए जाना जाता है। साल 1999 में वाजपेयी ने अपनी लाहौर यात्रा के दौरान एक भाषण में शांति की जोरदार अपील की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने टिप्पणी की थी, ‘‘वाजपेयी जी, अब तो आप पाकिस्तान में भी चुनाव…