एक कॉल पर पीएम मोदी ने बचाई 7 हज़ार ज़िंदगियां, जानें कैसे

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज एक कॉल से करीब 7 हज़ार लोगों की जान बचाई थी यह कहना है केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का। उनके अनुसार, साल 2015 में जब अनेकों भारतीय यमन में फंसे थे, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से भारत उन्हें वहां से सकुशल निकालने में सफल रहा था। स्वराज नें बताया कि मोदी नें सऊदी अरब के राजा को एक फ़ोन किया था, जिसके तुरंत बाद वहां फंसे भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों को छुड़ा लिया गया था।

When Pm Modi Saved A Call On 7000 Lives Know How :

सुषमा ने बताया कि 2015 में जब सऊदी हमला यमन पर हुआ तो वह बेहद चिंतित थीं। हजारों भारतीय यहां फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि सऊदी फौजें लगातार बम बारी कर रही थीं। तब उन्होंने पीएम से इस मसले पर चर्चा की। उनसे आग्रह किया कि रियाद में राजा से बात की। उनसे एक सप्ताह तक बमबारी रोकने की अपील की गई। सऊदी किंग ने रोजाना दो घंटे (सुबह नौ से 11 बजे तक) बमबारी रोकने पर सहमति जताई। इस दौरान खुद उन्होंने यमन सरकार से अपील की कि फंसे भारतीयों को सुरक्षित तरीके से निकालकर अदेन बंदरगाह व सेना हवाई अड्डे तक पहुंचाया जाए।

आपको बता दें कि साल 2015 में आतंकवादियों से लड़ाई के दौरान सऊदी अरब और उसके साथी देशों नें यमन पर कूच किया था। इस दौरान यमन में करीबन 4000 से ज्यादा भारतीय और विदेशी लोग फंसे हुए थे। कुछ लोगों नें इस दौरान भारत से प्रार्थना की थी कि उन्हे बाहर निकाला जाए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की वजह से सभी लोगों को वहां से सकुशल बाहर निकाला गया था।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज एक कॉल से करीब 7 हज़ार लोगों की जान बचाई थी यह कहना है केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का। उनके अनुसार, साल 2015 में जब अनेकों भारतीय यमन में फंसे थे, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से भारत उन्हें वहां से सकुशल निकालने में सफल रहा था। स्वराज नें बताया कि मोदी नें सऊदी अरब के राजा को एक फ़ोन किया था, जिसके तुरंत बाद वहां फंसे भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों को छुड़ा लिया गया था।सुषमा ने बताया कि 2015 में जब सऊदी हमला यमन पर हुआ तो वह बेहद चिंतित थीं। हजारों भारतीय यहां फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि सऊदी फौजें लगातार बम बारी कर रही थीं। तब उन्होंने पीएम से इस मसले पर चर्चा की। उनसे आग्रह किया कि रियाद में राजा से बात की। उनसे एक सप्ताह तक बमबारी रोकने की अपील की गई। सऊदी किंग ने रोजाना दो घंटे (सुबह नौ से 11 बजे तक) बमबारी रोकने पर सहमति जताई। इस दौरान खुद उन्होंने यमन सरकार से अपील की कि फंसे भारतीयों को सुरक्षित तरीके से निकालकर अदेन बंदरगाह व सेना हवाई अड्डे तक पहुंचाया जाए।आपको बता दें कि साल 2015 में आतंकवादियों से लड़ाई के दौरान सऊदी अरब और उसके साथी देशों नें यमन पर कूच किया था। इस दौरान यमन में करीबन 4000 से ज्यादा भारतीय और विदेशी लोग फंसे हुए थे। कुछ लोगों नें इस दौरान भारत से प्रार्थना की थी कि उन्हे बाहर निकाला जाए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की वजह से सभी लोगों को वहां से सकुशल बाहर निकाला गया था।