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जब राहुल गांधी ने पूछा, ये भैया बताइए वैक्सीन कब आएगी? जाने विशेषज्ञ ने क्या दिया जवाब

When Rahul Gandhi Asked Tell Me Brother When Will The Vaccine Come What Did The Expert Answer

नई दिल्ली। भारत में कोरोना के मरीजो की संख्या आज एक लाख 50 हजार के पार पहुंच चुकी है, अब रोजाना 6 से 7 हजार के बीच में संक्रमित बढ़ रहे हैं। वहीं कोरोना वायरस संकट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार विशेषज्ञों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रहे हैं। बुधवार को राहुल गांधी ने भारतीय मूल के जाने माने अमेरिकी लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आशीष झा से बात की। इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कोरोना वायरस वैक्सीन के आने की संभावना पर एक सवाल पूछा, जिसके जवाब में आशीष झा ने कहा कि अगले साल तक इसकी वैक्सीन आ जाएगी।

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एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें राहुल गांधी और आशीष झा के बीच बातचीत को दिखाया गया है। इस बातचीत में राहुल गांधी पूछते हैं- ये भैया बताइए कि वैक्सीन कब आएगी?’ इसके जवाब में आशीष झा कहते हैं, ‘दो तीन वैक्सीन है, जो एक अमेरिका, एक चीन और एक ऑक्सफोर्ड की है। ये तीनों प्रॉमिसिंग लग रहा है। मुझे नहीं बता कि कौन सा काम करेगा। हो सकता है तीनों काम कर जाए या फिर कोई एक। मुझे पूरा यकीन है कि वैक्सीन कहीं न कहीं से अगले साल तक आ जाएगी।’

भारतीय मूल के जाने माने अमेरिकी लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आशीष झा ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 वायरस अगले साल तक रहने वाला है और लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियां आरंभ करते समय लोगों के बीच विश्वास पैदा करने की जरूरत है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद के दौरान ‘ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ के नवनियुक्त डीन झा ने यह भी कहा कि भारत को लॉकडाउन और कोरोना जांच को लेकर रणनीति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव के साथ ही इसका मनोवैज्ञानिक असर भी है और सरकारों को इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है।

‘हारवर्ड ग्लोब्ल हेल्थ इंस्टीट्यूट’ के निदेशक झा ने कहा, ‘इस वायरस का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी है। लॉकडाउन के जरिए आप अपने लोगों को एक तरह का संदेश देते हैं कि स्थिति गंभीर है। ऐसे में जब आप आर्थिक गतिविधियां खोलते हैं तो आपको लोगों में विश्वास पैदा करना होता है।’ उनके मुताबिक यह वायरस अगले 18 महीने यानी 2021 तक रहने वाली समस्या है। अगले साल ही कोई टीका या दवा आएगी। लोगों को समझने की जरूरत है कि अब जीवन बदलने वाला है। अब जीवन पहले जैसा नहीं रहेगा।

लॉकडाउन से जुड़े राहुल गांधी के एक सवाल के जवाब में झा ने कहा कि सरकारों को रणनीति बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके पास बड़ी संख्या में नौजवान आबादी है जिसके लिए कोरोना घातक नहीं होगा। बुजुर्गों और अस्पतालों में भर्ती लोगों का ख्याल रखना होगा।

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