क्या आप की वाइफ वर्जिन हैं या नहीं !

कुंवारेपन का मतलब यह है कि किसी ने सेक्स किया है या नहीं, उसकी पुष्टि कैसे हो सकती है, ऐसा माना जाता है कि महिलाओं के कौमार्य की परख उनके हायमन या कौमार्य झिल्ली या पर्दे के ब्रेक न होने से की जा सकती है। लेकिन एक लड़की, जिसने पहले कभी सेक्स न किया हो तो भी उसका हाइमन खंडित या ब्रेक हो सकता है। वर्जिनिटी (कौमार्य) कई कारणों से खंडित हो सकता है, जैसे खेलने-कूदने से, लंबे समय तक साइकलिंग करने या लड़कियों द्वारा पीरियड के दिनों में टैम्पन आदि का इस्तेमाल करने से वैज्ञानिक तरीके से भी ऐसा कोई उपाय नहीं जिससे पता लग सके कि कोई लड़की पहले सेक्स कर चुकी है या नहीं। अगर वह कहती है कि उसने पहले सेक्स कभी नहीं किया तो भी पहली रात में खून निकलना जरूरी नहीं।

हर एक लड़की में हाइमन साबुत ही हो, यह भी जरूरी नहीं। भरोसा ही एकमात्र चीज है और जीवन में उसी के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए। अगर लड़की कहती है कि उसने ऐसा नहीं किया है तो मान लेना चाहिए कि वह सच ही कह रही होगी।

शुद्धता यानी चेस्टिटी और वर्जिनिटी (कौमार्य) के बारे में फैली धारणाओं को साफ करना जरूरी है, कई ऐसे कुंवारे होते हैं, जो शुद्ध नहीं हैं। दूसरी ओर ऐसे शुद्ध लोगों की भी कमी नहीं है जो कुंवारे नहीं हैं। बहुत-से लोग पहले सेक्स नहीं करते, पर अपने पार्टनर से सिर्फ किसिंग या हगिंग आदि द्वारा ही खुद को संतुष्ट कर लेते हैं, पर जिनको सेक्स के पहले प्रयास के दौरान खून आता है, उन्हें लोग कुंवारा मानते हैं।

आजकल ऐसे ऑपरेशन भी होते हैं जिनमें प्लास्टिक सर्जरी के जरिए हायमन को रिपेयर कर लिया जाता है। कई बार हाइमनोप्लास्टी करके नया हाइमन भी लगा या रीकंस्ट्रक्ट कर देते हैं, उससे भी असलियत का पता नहीं चलता। पर अगर कोई महिला ऐसा न भी करवाकर यह कहे कि उसने पहले कभी सेक्स नहीं किया है तो बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए।

पुरुषों में तो कुंवारेपन का पता लगाने का कोई तरीका ही नहीं है। विश्वास ही एकमात्र चीज है, अगर वह कहता है कि उसने पहले सेक्स नहीं किया है तो बात खत्म। किसी भी तरीके से फिर पता नहीं लगाया जा सकता कि यह सच है या नहीं बस, विश्वास ही आखिरी चीज है।