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बेबस मजदूरों पर सियासत करने वाले देश के सभी नौकरशाह को क्या मांफ करेगा ये देश!

Who Is Responsible For The Politics On The Laborers Let Everyone Get Away From The Politics

लखनऊ। पूरे देश में लॉकडाउन-4 शुरू कर दिया गया है। देश की सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश उत्तर प्रदेश में हालात बेहद चिंताजनक हैं। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा यूपी सरकार को लिखे आए पत्र के आधार पर बसों को लेकर हो रही राजनीति को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

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हाल फिलहाल इन परिस्थितियों के बीच राजनीति से परे सारे सवाल देश की राजनीतिक पार्टियों पर खड़े हो गए हैं। मजदूरों को लेकर देशभर में फैले सियासी संग्राम को लेकर कई बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अब देखना ये होगा कि आखिर ये राजनीतिक लोग देश के गरीब तबके से जुड़कर उन्हे कैसे रोजी-रोटी मुहैया कराते हैं।

इस महामारी के दौर में सभी पार्टियां केवल राजनीति कर रही हैं उन्हे किसी बेबस मजबूर, श्रमिक की बदहाली की फिक्र नहीं है। मजबूर मजदूरों को लेकर सभी पार्टियां केवल राजनीति कर रही हैं। अगर सभी राजनीतिक पार्टियां मजदूरों पर राजनीति ना करती तो मजदूरों का ये हाल ना होता। इस लॉकडाउन के समय में कई मज़दूर सड़क हादसे मे मारे गए, आखिर उनकी मौतों का जिम्मेदार कौन है, अगर सरकार खाना और जरूरत का सामान मजदूरों को मुहैया करवा देती तो ऐसे भायनक स्थिति ना पैदा होती।

आइस परिस्थितियों के लिए सरकारों के नौकरशाह जो कहते हैं वही प्रदेश की सरकारें करती हैं जबकि नौकरशाह बनने के बाद किसी के यहां भुखमरी नहीं होती है और ये नौकरशाह केवल उधोगपतियों के लिए काम करते हैं ये हमारा देश गवाह है हमने जो नौकरशाही प्रणाली ली थी वो उन देशों मे खत्म हो गयी है और मेरा देश इन्ही नौकरशाहों पर चल रहा है, जबकि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी सांसद को गोद लेना है तो हमारे प्रधानमंत्री के गांव की स्थिति देख लो। अगर हर आईएएस और पीसीएस जो अपने गांव की स्थिति का जिम्मा उठा ले तो देश की स्थिति पांच साल में बदल जाये।

ये हमारे देश की सभी राजनीतिक पार्टियां महज सोशल मीडिया पर और टीवी चैनल में खुद को सबसे अच्छा दिखाने के लिए जो कोशिश कर रहे है अगर ये सोशल मीडिया होता तो हम इस देश को कभी इंसाफ न दिला पाते। अब केवल एक दूसरे पर कटाक्ष करने से सारी राजनीतिक पार्टियों का कोई काम नहीं है।

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हमारे देश की जनता बहुत भोली है, जो लोगलुभावन वादों मे आ जाती है। अगर वो उनको पूरा ना कर पाये तो कभी जीवन मे चुनाव ना लड़ सकते ऐसा कानून हो क्योकि व्हुना हुआ नेता तो 5 सआल के लिए होता है ये नौकर शाह 60 साल उम्र होने तक राज करते है इसी लिए देश कि राजनैतिक इनके आसपास घूमती रहती है।

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