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कौन थे भगवान विश्वकर्मा, क्यों की​ जाती है इनकी पूजा?

Who Was Lord Vishwakarma Why Is He Worshiped

By सोने लाल 
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महर्षि अंगिरा के ज्येष्ठ पुत्र बृहस्पति की बहन भुवना के पुत्र थे, इन्ही की कोख से शिल्प विद्या के ज्ञाता प्रजापति विश्वकर्मा का जन्म हुआ। विश्वकर्मा को विश्व का निर्माता तथा देवताओं का वास्तुकार माना गया है। ऐसा माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने श्री कृष्ण की द्वारिका का निर्माण किया था, और श्री कृष्ण के आदेश पर सुदामा पुरी का भी निर्माण किया था। इसी के साथ उन्होंने पांडवों के माया सभा और देवताओं के कई हथियारों का निर्माण भी किया था।

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हस्तिनापुर, इंद्रपुरी, भगवान शिव का त्रिशूल, पुष्पक विमान, जैसे कई भवनों और वस्तुओं के निर्माता विश्वकर्मा भगवान ने ही हैं। कर्ण का कुंडल, विष्णु का सुदर्शन चक्र आदि का निर्माण भी उन्होंने ही किया था।

इनकी पूजा सभी मजदूर, सभी फैक्ट्रियों में और सभी ऑफिसों में सितंबर माह में और दिवाली के अगले दिन की जाती है ऐसा माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा उनकी रक्षा करेंगे, और उनके साथ कभी भी किसी मशीन या औजार से कोई हानि नहीं होगी। इसलिए उनकी पूजा की जाती है उनकी पूजा में औजारों को मशीनों को और सभी प्रकार के कारीगर के टूल्स को पूजा जाता है। क्योंकि इन्हें औजारों का भी निर्माता माना गया है। अक्टूबर-नवंबर में दीपावली के एक दिन बाद,गोवर्धन पूजा के साथ विश्वकर्मा पूजा भी मनाई जाती है।

विश्वकर्मा जयंती 16 सितंबर और 17 सितंबर के दिन मनाई जाती है यह त्योहार आमतौर पर भारत में असम, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि कई शहरों राज्य में मनाया जाता है यह त्यौहार हिंदू कैलेंडर की कन्या संक्रांति पर पड़ता है। इनकी पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि इन्हें शिल्प का आविष्कारक निर्माता माना गया है।

इनकी पूजा में हर प्रकार के औजारों का इस्तेमाल होता है सभी प्रकार के औजार, मशीनें, यांत्रिक मशीनें, कंप्यूटर, छेनी, हथौड़ी जिस प्रकार से हम काम करते हैं। यानी हमारे काम करने की जो भी चीज है जो हमारी रोजी-रोटी है वह विश्वकर्मा जयंती पर पूजी जाती है इसीलिए सभी कारखानों में फैक्ट्रियों में मजदूर लोग और इंजीनियर लोग भगवान विश्वकर्मा की पूजा बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं।

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साल 2020 में विश्वकर्मा पूजा गुरुवार,17 सितंबर को मनाई जाएगी।

विश्वकर्मा पूजा सामग्री और पूजा विधि

भगवान विश्वकर्मा की पूजा में आप अक्षत, फल, फूल, चंदन धूप ,हवन सामग्री, Vishwakarma bhagwan ka havan kaise karen यदि आप हवन करना चाहते हैं तो इसके अलावा नारियल, औजार, हाथ में बांधने के लिए रक्षा सूत्र, मिठाई, सुपारी, आदि की व्यवस्था कर ले। इसके बाद इन सभी चीजों को भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति के सामने रख दें।

और सभी औजारों को धोकर उन पर रक्षा सूत्र बांधे और सभी लोग अपने अपने हाथों में रक्षा सूत्र को बांधे। इसके बाद आप भगवान विश्वकर्मा की पूजा करें और विधिवत सभी चीजें उनको चढ़ाएं मिठाई, फल, फूल, चंदन, धूप सभी चीजें चढ़ा दें।

यह पूजा किसी पंडित से भी करा सकते हैं और हवन भी जरूर करें और हवन का धुंआ अपनी फैक्ट्री में, दुकान में, अपने काम पर, पूरे जगह उसका धुंआ कर दें, इसके बाद पूजा में हुई किसी भी प्रकार की भूल की क्षमा याचना मांगे इस प्रकार से आप पूजा संपन्न कर सकते हैं पूजा में आप भगवान विश्वकर्मा जी के मंत्र का विचार कर सकते हैं।

मंत्र इस प्रकार से है:

ॐ अनन्तम नम:, और
ॐ कूमयि नम: आदि।

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