जानिए कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव

Who Will Be The Next President Of India

नई दिल्ली। देश के प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति के चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। यह चुनाव आम चुनावों की तरह नहीं होता। इस चुनाव में जनता अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लेती है, यानी जनता के चुने प्रतिनिधि इस चुनाव में वोट करते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो चुनाव लड़कर विधानसभा और संसद तक पहुंचने वाले राजनेता तय करते हैं कि देश का राष्ट्रपति कौन होगा। इस चुनाव में मनोनीत होकर विधान परिषद और राज्यसभा पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि हिस्सा नहीं लेते हैं। चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है।




  • आम चुनावों से जटिल है राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया—

राष्ट्रपति चुनाव कई मायनों में विधानसभा और लोकसभा के चुनावों से अलग होता है। यहां प्रत्येक वोट को वेटेज के आधार पर गिना जाता है। किस विधायक या सांसद के मत का वेटेज कितना होगा इसका निर्धारण उसके निर्वाचन प्रदेश की आबादी और विधानसभा में विधायकों की संख्या पर निर्भर करता है। कम आबादी वाले प्रदेशों के विधायकों और सांसदों का वेटेज कम होता है। वर्तमान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 10,98,882 कुल वेटेज गिने जाते हैं।



इस चुनाव प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता को अधिकार होता है कि वह अपनी प्राथामिकता के आधार पर प्रत्याशियों में से अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद का चुनाव कर सकता है। यदि पहली पसन्द के आधार पर किसी भी प्रत्याशी को आधे से वेटेज नहीं मिलते तो नतीजे तक पहुंचने के लिए शीर्ष दो प्रत्याशियों को दूसरी पसंद के रूप में मिले वेटेजों की गिनती पहली पसंद के रुप में की जाती है। जिस प्रत्याशी को पहली और दूसरी पसंद के रूप में मिलाकर अधिक वेटेज मिलते हैं उसे राष्ट्रपति चुना जाता है।


  • वैलट पेपर से होता है मतदान—

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर किसी प्रकार ईवीएम का प्रयोग न होकर वैलट पेपर प्रयोग में लाए जाते हैं। जिसमें मतदाता अपनी प्राथमिकता के आधार पर प्रत्याशियों के नाम के सामने 1 और 2 लिखते हैं। इसी आधार पर मतों की गणना की जाती है।

  • आधे अधिक मतों का मिलना आवश्यक—

आम चुनावों में जीत के लिए विजेता को अपने करीबी प्रतिद्वन्दी को हराना मात्र पर्याप्त माना जाता है। वहीं राष्ट्रपति चुनाव के लिए ऐसा नहीं है। इस चुनाव में विजेता बनने के लिए उम्मीदवार को आधे से अधिक वोट वेटेज मिलना आवश्यक है। वर्तमान में कुल मतों को 10,98,882 वेटेज में बांटा गया है।

नई दिल्ली। देश के प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति के चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। यह चुनाव आम चुनावों की तरह नहीं होता। इस चुनाव में जनता अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लेती है, यानी जनता के चुने प्रतिनिधि इस चुनाव में वोट करते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो चुनाव लड़कर विधानसभा और संसद तक पहुंचने वाले राजनेता तय करते हैं कि देश का राष्ट्रपति कौन होगा। इस चुनाव में मनोनीत होकर विधान परिषद और राज्यसभा पहुंचने वाले…