BMW कार में चलने वाले पहले PM थे अटल जी, अम्बेसडर ने दे दिया था धोखा

BMW कार में चलने वाले पहले PM थे अटल जी, अम्बेसडर ने दे दिया था धोखा
BMW कार में चलने वाले पहले PM थे अटल जी, अम्बेसडर ने दे दिया था धोखा

नई दिल्ली। भारत के सबसे सम्मानित पॉलिटिकल फिगर्स में से एक, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में कई बड़े आर्थिक कदमों को उठाया जिसकी वजह से भारत का स्थान वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी ऊपर आ गया। देश के प्रधानमंत्री हों चाहे आम जन सभी को इस कार की सवारी पसंद थी। इसे ‘शान की सवारी’ माना जाता था. जी हां, बात हो रही है अंबेसडर की। यह कार भारत की पहचान थी लेकिन दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जब पीएम थे तब अंबेसडर की जगह बीएमडब्‍ल्‍यू ने ले ली थी।

Why Bmw Was Opted In Place Of Ambassador As Pms Vip Vehicle During Atals Tenure :

क्यों बदली गई थी कार

जब अटल बिहारी वाजपेयी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव समिति की एक बैठक में शामिल होने के लिए बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचे तो उनकी कार (उस वक्त अम्बेसडर) का फ्रंट डोर जाम हो गया। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने कुछ मिनट तक इसे खोलने की कोशिश की लेकिन वह असफल रहे। वाजपेयी को वापस जाना पड़ा और उनहें दूसरी अम्बेसडर कार में लाया गया। इसके बाद ही यह तय किया गया कि प्रधानमंत्री की कारों के काफिले में अम्बेसडर को हटाया जाएगा। वाजपेयी को बीएमडब्ल्यू 7 सीरिज दी गई।

इसके पहले देश के प्रधानमंत्री हमेशा अपनी यात्रा के दौरान हिन्दुस्तान अम्बेस्डर की ही सवारी करते थे। यह 1999 से 2004 के बीच वाजपेयी के तीसरे कार्यकाल के दौरान था, कि कार ने आधे रास्ते में ही देश के प्रतिनिधि की सुरक्षा पर सावल खड़े कर दिए। इसके अलावा दिसंबर 2001 को हुए संसद पर हमलों के चलते सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सोचा जाने लगा। इसके बाद देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को सौंपा गया, जिसके बाद SPG ने फुली आर्मर्ड BMW 7 सीरीज सेडान को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी यात्रा करनी शुरू कर दी।

बीएमडब्ल्यू 7 की ख़ासियत

बीएमडब्ल्यू की इस कार में 3.0 लीटर का ट्विन टर्बो, वी12 इंजन है जो कि 326 पीएस का पावर और 450 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है। इसका एक और वर्जन आता है जिसमें सेम इंंजन है लेकिन इसका आउटपुट 265 हॉसपावर और 620 न्यूटन मीटर है। यह कार 3.7 सेकंड्स में ही 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है। यह कार बम, गोली, पॉइजन गैस से निपटने में सक्षम है। इसमें आॅटोमैटिक फायर एक्ट्यूंगिशन सिस्टम के साथ ही आॅटोनॉमस फ्रेश एयर इनटेक सिस्टम भी है। BWM कार में जैमिंग डिवाइसेज थे। इसके साथ ही किसी इमर्जेंसी में गाड़ी की रफ्तार झट से तेज की जा सकती थी। इसमें किडनी ग्रिल होता है जो कि आइकॉनिक था। 20 इंच के डबल स्पोक अलॉय वील्ज दिए गए हैं।

नई दिल्ली। भारत के सबसे सम्मानित पॉलिटिकल फिगर्स में से एक, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में कई बड़े आर्थिक कदमों को उठाया जिसकी वजह से भारत का स्थान वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी ऊपर आ गया। देश के प्रधानमंत्री हों चाहे आम जन सभी को इस कार की सवारी पसंद थी। इसे 'शान की सवारी' माना जाता था. जी हां, बात हो रही है अंबेसडर की। यह कार भारत की पहचान थी लेकिन दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जब पीएम थे तब अंबेसडर की जगह बीएमडब्‍ल्‍यू ने ले ली थी।

क्यों बदली गई थी कार

जब अटल बिहारी वाजपेयी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव समिति की एक बैठक में शामिल होने के लिए बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचे तो उनकी कार (उस वक्त अम्बेसडर) का फ्रंट डोर जाम हो गया। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने कुछ मिनट तक इसे खोलने की कोशिश की लेकिन वह असफल रहे। वाजपेयी को वापस जाना पड़ा और उनहें दूसरी अम्बेसडर कार में लाया गया। इसके बाद ही यह तय किया गया कि प्रधानमंत्री की कारों के काफिले में अम्बेसडर को हटाया जाएगा। वाजपेयी को बीएमडब्ल्यू 7 सीरिज दी गई। इसके पहले देश के प्रधानमंत्री हमेशा अपनी यात्रा के दौरान हिन्दुस्तान अम्बेस्डर की ही सवारी करते थे। यह 1999 से 2004 के बीच वाजपेयी के तीसरे कार्यकाल के दौरान था, कि कार ने आधे रास्ते में ही देश के प्रतिनिधि की सुरक्षा पर सावल खड़े कर दिए। इसके अलावा दिसंबर 2001 को हुए संसद पर हमलों के चलते सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सोचा जाने लगा। इसके बाद देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को सौंपा गया, जिसके बाद SPG ने फुली आर्मर्ड BMW 7 सीरीज सेडान को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी यात्रा करनी शुरू कर दी।

बीएमडब्ल्यू 7 की ख़ासियत

बीएमडब्ल्यू की इस कार में 3.0 लीटर का ट्विन टर्बो, वी12 इंजन है जो कि 326 पीएस का पावर और 450 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है। इसका एक और वर्जन आता है जिसमें सेम इंंजन है लेकिन इसका आउटपुट 265 हॉसपावर और 620 न्यूटन मीटर है। यह कार 3.7 सेकंड्स में ही 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है। यह कार बम, गोली, पॉइजन गैस से निपटने में सक्षम है। इसमें आॅटोमैटिक फायर एक्ट्यूंगिशन सिस्टम के साथ ही आॅटोनॉमस फ्रेश एयर इनटेक सिस्टम भी है। BWM कार में जैमिंग डिवाइसेज थे। इसके साथ ही किसी इमर्जेंसी में गाड़ी की रफ्तार झट से तेज की जा सकती थी। इसमें किडनी ग्रिल होता है जो कि आइकॉनिक था। 20 इंच के डबल स्पोक अलॉय वील्ज दिए गए हैं।