खातों में क्यों नहीं आए 15 लाख रुपये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ शिकायत

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खातों में क्यों नहीं आए 15 लाख रुपये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ शिकायत

रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ रांची की अदालत में शिकायत की गयी है। यह शिकायत झारखंड हाईकोर्ट के एक वकील एचके सिंह की ओर से की गयी है। जिसमें कहा गया है कि लोगों के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने का जो वादा 2013-14 में किया गया था वो पूरा क्यों नहीं हुआ? शनिवार को रांची में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायतकर्ता ने अपना बयान दर्ज कराया है।

Why Did Not Get 15 Lakh Rupees In Accounts Complaint Against Prime Minister Narendra Modi And Home Minister Amit Shah :

ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ए के गुडिया ने इस मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को निर्धारित की है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 में आम लोगों के खाते में 15 लाख रुपये डालने का वादा किया गया था और ये वादा चुनाव घोषणापत्र में भी शामिल था। हालांकि बाद में बीजेपी नेता इसे सिर्फ चुनावी बयान बता चुके हैं।

शिकायतकर्ता ने कहा कि अमित शाह ने 2019 में बीजेपी के चुनाव घोषणापत्र में नागरिकता संशोधन कानून मुख्य एजेंडा था जिसे पूरा किया गया। कोर्ट में बहस के दौरान शिकायतकर्ता ने कहा कि क्यों सीएए का वादा पूरा किया गया और पहले के घोषणापत्र के वादों को पूरा नहीं किया गया। ये लोगों के साथ धोखाधड़ी है। जन प्रतिनिधित्व कानून कहता है कि वोट लेने के लिए झूठे वादे नहीं किए जा सकते।

वहीं, इस दौरान ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता वकील सिंह से पूछा गया कि यह मामला रांची में उनके अधिकार क्षेत्र में आता है और क्यों शिकायत इतनी देर से दर्ज की गई जबकि मामला 2013-14 से जुड़ा है। इस पर वकील का कहना था कि ये वादे रांची में चुनावी सभाओं में भी किए गए थे, इसलिए रांची में शिकायत दर्ज कराई गई।

रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ रांची की अदालत में शिकायत की गयी है। यह शिकायत झारखंड हाईकोर्ट के एक वकील एचके सिंह की ओर से की गयी है। जिसमें कहा गया है कि लोगों के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने का जो वादा 2013-14 में किया गया था वो पूरा क्यों नहीं हुआ? शनिवार को रांची में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायतकर्ता ने अपना बयान दर्ज कराया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ए के गुडिया ने इस मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को निर्धारित की है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 में आम लोगों के खाते में 15 लाख रुपये डालने का वादा किया गया था और ये वादा चुनाव घोषणापत्र में भी शामिल था। हालांकि बाद में बीजेपी नेता इसे सिर्फ चुनावी बयान बता चुके हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि अमित शाह ने 2019 में बीजेपी के चुनाव घोषणापत्र में नागरिकता संशोधन कानून मुख्य एजेंडा था जिसे पूरा किया गया। कोर्ट में बहस के दौरान शिकायतकर्ता ने कहा कि क्यों सीएए का वादा पूरा किया गया और पहले के घोषणापत्र के वादों को पूरा नहीं किया गया। ये लोगों के साथ धोखाधड़ी है। जन प्रतिनिधित्व कानून कहता है कि वोट लेने के लिए झूठे वादे नहीं किए जा सकते। वहीं, इस दौरान ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता वकील सिंह से पूछा गया कि यह मामला रांची में उनके अधिकार क्षेत्र में आता है और क्यों शिकायत इतनी देर से दर्ज की गई जबकि मामला 2013-14 से जुड़ा है। इस पर वकील का कहना था कि ये वादे रांची में चुनावी सभाओं में भी किए गए थे, इसलिए रांची में शिकायत दर्ज कराई गई।