जाने क्यों ट्विटर के CEO को 4 सालों में सिर्फ 96 रुपये का मिला वेतन

jack dorsi
जाने क्यों मिली ट्विटर के CEO 4 सालों में पहली बार सिर्फ 96 रुपये का वेतन

नई दिल्ली। ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने पिछले 3 साल तक कोई वेतन नहीं लिया। डोर्सी ने 2015 में ट्विटर के सीईओ का पद संभालने के बाद 2018 में पहला वेतन लिया, जिसमें से उन्हें महज 1.40 डॉलर (98 रुपए) का वेतन मिला। आपको बता दें कि डोर्सी की असली कमाई ट्विटर में उनके शेयरों के जरिए होती है, जिसकी नेटवर्थ 38318 करोड़ रुपए है।

Why Did The Ceo Of Twitter Go For The First Time In Just 4 Years :

ट्विटर ने सोमवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी देते हुए कहा कि “सीईओ जैक डोर्सी ने पिछले साल तनख्वाह में केवल 1.40 डॉलर ही लिये। वहीं, अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ एक फाइलिंग में कंपनी ने ये खुलासा किया कि “ऐसा पहली बार है जब डोर्सी ने 2015 के बाद से ट्विटर से तनख्वाह ली है।

सीएनईटी ने ट्विटर की फाइलिंग के हवाले से कहा, “तीन साल तक सभी भत्तों और लाभ नहीं लेने के पीछे का कारण डोर्सी के ट्विटर की दीर्घकालिक मूल्य सृजन क्षमता में उनकी प्रतिबद्धता और विश्वास को मान्यता को देता है।” बता दें कि गूगल, अमेजन, फेसबुक और एप्पल को अब टैक्स देना पड़ सकता है। इस कानून को GAFA नाम दिया गया है।

नई दिल्ली। ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने पिछले 3 साल तक कोई वेतन नहीं लिया। डोर्सी ने 2015 में ट्विटर के सीईओ का पद संभालने के बाद 2018 में पहला वेतन लिया, जिसमें से उन्हें महज 1.40 डॉलर (98 रुपए) का वेतन मिला। आपको बता दें कि डोर्सी की असली कमाई ट्विटर में उनके शेयरों के जरिए होती है, जिसकी नेटवर्थ 38318 करोड़ रुपए है।

ट्विटर ने सोमवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी देते हुए कहा कि "सीईओ जैक डोर्सी ने पिछले साल तनख्वाह में केवल 1.40 डॉलर ही लिये। वहीं, अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ एक फाइलिंग में कंपनी ने ये खुलासा किया कि "ऐसा पहली बार है जब डोर्सी ने 2015 के बाद से ट्विटर से तनख्वाह ली है।

सीएनईटी ने ट्विटर की फाइलिंग के हवाले से कहा, "तीन साल तक सभी भत्तों और लाभ नहीं लेने के पीछे का कारण डोर्सी के ट्विटर की दीर्घकालिक मूल्य सृजन क्षमता में उनकी प्रतिबद्धता और विश्वास को मान्यता को देता है।" बता दें कि गूगल, अमेजन, फेसबुक और एप्पल को अब टैक्स देना पड़ सकता है। इस कानून को GAFA नाम दिया गया है।