पूजा में क्यों किया जाता है पान के पत्ते का उपयोग, जानें महत्व

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धार्मिक दृष्टि से पान के पत्तों का काफी महत्व माना गया है। इसका इस्तेमाल हर प्रकार की पूजा सामग्री में अनिवार्य रूप से किया जाता है। पान को संस्कृत में तांबूल भी कहा जाता है। अब तक आप यह तो जानते ही होगें की पान को पूजा सामग्री में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसे क्यों किया जाता है इस बात से आप जरूर अंजान होगें।

Why Is Worship Done In The Worship Of Pan Leaf Learn Importance :

पान के पत्ते का महत्व:

पान हवन पूजा की एक अहम सामग्री है। देवताओं द्वारा समुद्र मंथन के समय पान के पत्ते का प्रयोग किया गया था। यहां से पान के पत्ते का इस्तेमाल रोशनी में आया।

पान का पत्ता नकारात्मक ऊर्जा को दूर करनेवाला और सकारात्मक ऊर्जा को बढाने वाला भी माना जाता है तभी तो इसे पूजा-पाठ में खास महत्व दिया गया है।

भगवान शिव को पान अर्पित करने से व्यक्ति का मनोकामना पूर्ण होती है। इस विशेष पान में केवल गुलकंद, खोपरे का बुरा, कत्था, सौंफ और सुमन कतरी डली हुई होती है।

मंगलवार तथा शनिवार को हनुमान जी को एक डंठल वाला पान का पत्ता तथा लड्डू चढ़ाने से आपके लंबे समय से अटके कार्य पूरे होते हैं।

इसके इलावा ऐसा आपको लगातार सात शनिवार तक करना चाहिए। इस उपाय से बड़ी से बड़ी समस्या भी हल हो जाती है।

धार्मिक दृष्टि से पान के पत्तों का काफी महत्व माना गया है। इसका इस्तेमाल हर प्रकार की पूजा सामग्री में अनिवार्य रूप से किया जाता है। पान को संस्कृत में तांबूल भी कहा जाता है। अब तक आप यह तो जानते ही होगें की पान को पूजा सामग्री में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसे क्यों किया जाता है इस बात से आप जरूर अंजान होगें।पान के पत्ते का महत्व:पान हवन पूजा की एक अहम सामग्री है। देवताओं द्वारा समुद्र मंथन के समय पान के पत्ते का प्रयोग किया गया था। यहां से पान के पत्ते का इस्तेमाल रोशनी में आया।पान का पत्ता नकारात्मक ऊर्जा को दूर करनेवाला और सकारात्मक ऊर्जा को बढाने वाला भी माना जाता है तभी तो इसे पूजा-पाठ में खास महत्व दिया गया है।भगवान शिव को पान अर्पित करने से व्यक्ति का मनोकामना पूर्ण होती है। इस विशेष पान में केवल गुलकंद, खोपरे का बुरा, कत्था, सौंफ और सुमन कतरी डली हुई होती है।मंगलवार तथा शनिवार को हनुमान जी को एक डंठल वाला पान का पत्ता तथा लड्डू चढ़ाने से आपके लंबे समय से अटके कार्य पूरे होते हैं।इसके इलावा ऐसा आपको लगातार सात शनिवार तक करना चाहिए। इस उपाय से बड़ी से बड़ी समस्या भी हल हो जाती है।