बाहुबली मुख्तार अंसारी के हार्ट अटैक का चाय कनेक्शन

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बाहुबली मुख्तार अंसारी के हार्ट अटैक का चाय कनेक्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बांदा जिला जेल में कैद मऊ जिले से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और उनकी पत्नी अफसा अंसारी को मंगलवार की सुबह आए हार्ट अटैक की जांच की मांग उठ रही है। अंसारी के परिजनों का कहना है कि जिस समय विधायक और उनकी पत्नी को हार्ट अटैक आया उस समय दोनों ही चाय पी रहे थे, उन्हें आशंका है कि उस चाय में कुछ मिलाया गया था।

बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने अपने पिता की जान ​को खतरा बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच करवाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर बांदा शुरुआती उपचार के बाद लखनऊ के पीजीआई में स्थानांतरित हुए अंसारी का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने अंसारी की हालत को स्थिर और खतरे से बाहर बताया है।

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डाक्टरों का कहना है कि पूरी चिकित्सकीय जांच के बाद वह बता सकते हैं कि अंसारी को हार्ट अटैक आया था या किन्ही अन्य वजहों से वह बेहोश हुए थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति के बेहद चर्चित चेहरों में से एक मुख्तार अंसारी के परिवार के लोगों ने अपनी रंजिशों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार से जेल में पुख्ता सुरक्षा दिलवाने की मांग की है।

सियासी लिहाज से क्यों असुरक्षित महसूस कर रहे हैं बाहुबली के परिजन —

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मुख्तार अंसारी जिस आपराधिक मामले में जेल की हवा खा रहे हैं वह यूपी की वर्तमान सियासत के लिहाज से बेहद संजीदा है। अंसारी कभी अपने प्रतिद्वंदी रहे भाजपा विधायक कृष्णानंद रॉय की हत्या के मामले में जेल में हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और लंबे समय से कृष्णानंद रॉय की हत्या का बदला लेने की ताक में बैठे लोगों के लिहाज से मुख्तार अंसारी की सियासी पहुंच हासिए पर है। इस वजह से मुख्तार अंसारी को जेल में अपनी हत्या होने का डर सता रहा है।

पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी की सत्ता को चुनौती देते थे कृष्णानंद रॉय-

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की बात की जाए तो बाहुबलियों की एक लंबी फेहरिस्त सामने आ जाती है। लेकिन जिन बाहुबलियों ने बीते तीन दशकों में सबसे ज्यादा नाम कमाया है उनमें मुख्तार अंसारी का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन एक दौर ऐसा आया जब कृष्णानंद रॉय ने अंसारी की सत्ता को चुनौती दे डाली। कृष्णानंद रॉय ने सियासत में प्रवेश करते हुए मुख्तार अंसारी के ​बड़े भाई के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर ली।

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कृष्णानंद रॉय का बढ़ता कद और अपनी खोती जमीन पर दोबारा कब्जा करने के लिए अंसारी कोशिश कर रहे थे, कि तभी विधायक कृष्णानंद रॉय एक जानलेवा हमले में मारे गए। कृष्णानंद रॉय की हत्या ने समूचे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया। यह हत्या इतनी नृशंस थी कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल बनकर खड़ी हो गई। हत्या में मुख्तार अंसारी के करीबियों का नाम आने के साथ इस मामले में मुख्तार अंसारी का हाथ होने की बात सामने आई। जिसके बाद अंसारी को जेल जाना पड़ा।

कृष्णानंद रॉय की हत्या के मामले में जेल मेंं रहते हुए अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे अंसारी के लिए इसके बाद का सफर यूपी की राजनीतिक परिस्थितियों के चलते अनुकूल रहा। यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों का दौर आया। दोनों ही पार्टियों ने पूर्वांचल में अंसारी के सियासी ​रुसूख का लाभ लिया और बदले में उसे असुरक्षा की भावना से दूर रखा। अब यूपी की सियासी परिस्थितियां अंसारी के अनुकूल नहीं है। यही वजह है कि उन्हें और उनके परिजनों को यूपी की जेलें अपने मुफीद नजर नहीं आ रहीं हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बांदा जिला जेल में कैद मऊ जिले से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और उनकी पत्नी अफसा अंसारी को मंगलवार की सुबह आए हार्ट अटैक की जांच की मांग उठ रही है। अंसारी के परिजनों का कहना है कि जिस समय विधायक और उनकी पत्नी को हार्ट अटैक आया उस समय दोनों ही चाय पी रहे थे, उन्हें आशंका है कि उस चाय में कुछ मिलाया गया था। बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने अपने…
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