प्रद्युमन ठाकुर की हत्या पर राजनेताओं के मौन का सच बेनकाब करती तस्वीरें

नई दिल्ली। तस्वीरें बहुत कुछ बोलतीं हैं। यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित बात है। आज हम भी आपको तस्वीरों के माध्यम से गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई 7 वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या पर राजनेताओं की चुप्पी का सच बेनकाब करेंगे। इससे पहले हम आपको कुछ जानकारियां देना चाहते हैं जिन्हें इन तस्वीरों से जोड़कर जानने की जरूरत है।
रेयान इंटरनेशनल स्कूल भारत के बड़ी स्कूल चेन है, जो देश के 16 राज्यों में करीब 2.5 लाख बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है। जिसके 10 स्कूल ब्रांच केवल दिल्ली और एनसीआर में संचालित हो रहे हैं। भारत के बाहर यह स्कूल यूएई में भी दो स्कूल संचालित करता है।
रेयान इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका का नाम ग्रेस पिंटो हैं। ग्रेस पिंटो अपने आप में एक बहुुत बड़ी हस्ती हैं जिनके रिश्ते देश की हर राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेताओं तक है। बताया जा रहा है कि कुछ वर्षों में ग्रेस पिंटो ने अपनी करीबी भाजपा से ज्यादा बढ़ाई है।
ग्रेस पिंटो पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्कूलों के माध्यम से भाजपा के सदस्यता कार्यक्रम को चलाया था। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिवावकों से भाजपा में शामिल होने के लिए स्कूल के व्हाट्सएप्प अकाउंट का प्रयोग किया था। भाजपा विरोधी दलों ने ग्रेस पिंटो पर स्कूल को राजनीतिक प्रयोगशाला का केन्द्र बनाने का आरोप लगाया था।
जिसके जवाब में ग्रेस पिंटो ने एक समाचार वेबसाइट से कहा था कि उन्होंने सदस्यता कार्यक्रम चलाया जरूर था लेकिन उनके स्कूल की ओर से अपने किसी अध्यापक या छात्र के अभिवावक पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया।

ग्रेस पिंटो का भाजपा कनेक्शन —

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मीडिया रिपोर्टस की माने तो कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका ग्रेस पिंटो और संस्था के संस्थापक उनके पति अगस्टिन पिंटो हमेशा से सत्तारूढ़ दलों से अपनी नजदीकी बढ़ाने के लिए जाने जाते रहे हैं। इन रिश्तों के बल पर पिंटो दंपति अपने निजी स्वार्थ को साधने के प्रयास करते रहे हैं।

पिंटो दंपति की भाजपा से नजदीकियों के बारे में बताने वाले कहते हैं कि ग्रेस पिंटो लंबे अर्से से पद्मश्री पुरस्कार के लिए प्रयासरत हैं। जिसके लिए वह मॉइनॉरिटी कमीशन तक में अपने पक्ष में कई सिफारिशें करवा चुकीं हैं वहीं उनके ​पति राज्यसभा की सदस्यता के लिए बतौर रेयान ग्रुप के संस्थापक अपनी समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान को आधार बनाकर प्रयासरत हैं।

पिंटो दंपति अपने इन मनसूबों को पूरा करने के लिए यूपीए सरकार के दौरान भी प्रयासरत थीं उन्होंने इसके लिए सोनिया गांधी से भी अपने रिश्तों को मजबूती दी थी। लेकिन किन्हीं कारणों से उनके प्रयास सफल नहीं हो सके।

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हरियाणा से लेकर दिल्ली तक कई बड़े नेताओं तक है पहुंच —

सूत्रों की माने तो पिंटो दंपति के रिश्ते सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बड़े नेताओं के साथ हैं। जिसकी तस्दीक केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उनकी तस्वीर करती है। शायद यही वजह है राजनीतिक दलों ने प्रद्युम्न हत्याकांड पर चुप्पी साध रखी है।

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