प्रेमिका की हत्या कर शव को आंगन में दफनाया, आठ माह बाद खुला राज

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अक्टूबर वर्ष 2018 में लापता हुई विधवा रामजानकी की उसी दिन हत्या कर दी गयी थी। आठ माह तक पुलिस इस मामले की छानबीन करती रही। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने रामजानकी के प्रेमी को गिरफ्तार करते हुए उसके घर के आंगन से रामजनकी का शव बरामद किया। शव पूरी तरह सड़ चुका था। बावजूद इसके बाद परिवार वालों ने शव की पहचान की। आरोपी ने बताया कि शराब के नशे के चलते उसने रामजानकी की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को घर के आंगन में ही दफन कर दिया था।

Widow Murdered By Lover Buried In Home :

इंस्पेक्टर सआदतगंज महेश पाल ने बताया कि सआदतगंज के रामनगर इलाके मेें विधवा रामजानकी अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। बीते 27 अक्टूबर वर्ष 2018 को वह अचानक गायब हो गयी थी। परिवार वालों ने उसको इधर-उधर काफी तलाशा भी था पर उसका कोई पता नहीं चल सका था। इस मामले में एक नवम्बर को रामजानकी की मां काकोरी निवासी सुमित्रा देवी ने गुड्डू बाबा नाम के एक व्यक्ति पर शक जताते हुए एफआईआर दर्ज करायी थी। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस रामजानकी को किसी के साथ भाग जाने की बात मान रही थी।

सर्विलांस से प्रेमी का नाम सामने आया
रामजानकी के गायब होने की घटना को मामूली गुमशुदगी मानकर पुलिस खामोश बैठी थी। इस बीच उसकी मां लगातार पुलिस के चक्कर लगा रही थी। इंस्पेक्टर सआदतगंज ने बताया कि चंद रोज पहले उन्होंने जब रामजानकी की गुमशुदगी का मामला देखा तो फौरन ही कॉल डीटेल निकाल कर छानबीन शुरू करायी तो विजेन्द्र का नाम सामने आ गया। जानकारी जुटाने पर पता चला कि विजेन्द्र पेशे से मजदूर है और मानकनगर के मेहंदीगंज इलाके में रहता था। कॉल डीटेल यह बता रही थी कि रामजानकी और विजेन्द्र के बीच लम्बी बातचीत होती थी। बस इसके बाद पुलिस ने आरोपी विजेन्द्र को मंगलवार को पकड़ा। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ शुरू की तो वह इधर-उधर की बात बताकर पुलिस को गुमराह करने लगा। विजेन्द्र पर पुलिस का शक गहराता चला गया। सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने रामजानकी की हत्या करने की बात कुबूली।

उसी दिन कर दी थी हत्या, घर में दफना दिया था शव
आरोपी ने बताया कि उसके और रामजानकी के बीच में प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 27 अक्टूबर को रामजानकी उससे मिलने के लिए उसके घर आयी थी। कुछ देर रुकने के बाद वह अपने घर वापस जाने की बात कहने लगी। इस पर विजेन्द्र ने रामजानकी को रात रुकने और सुबह घर जाने की बात कही, पर रामजानकी उसकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुई। उस वक्त आरोपी शराब के नशे में था। बस इसके बाद आरोपी ने नशे में रामजानकी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को अपने घर के आंगने में दफन कर दिया।

आंगन से बरामद किया गया शव
आरोपी के इस चौकाने वाले खुलासे के बाद सआदतगंज पुलिस ने अधिकारियों को इस बारे में बताया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस मजिस्टे्रट के साथ विजेन्द्र को उसके घर लेकर पहुंची। पुलिस ने जब आंगन की खुदाई करायी तो तीन फुट नीचे रामजानकी का सड़ा गला शव मिला। पुलिस ने रामजानकी के मायके और ससुराल वालों को बुलाया। उन लोगों ने शव की पहचान रामजानकी के रूप में की। छानबीन के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपी विजेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अक्टूबर वर्ष 2018 में लापता हुई विधवा रामजानकी की उसी दिन हत्या कर दी गयी थी। आठ माह तक पुलिस इस मामले की छानबीन करती रही। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने रामजानकी के प्रेमी को गिरफ्तार करते हुए उसके घर के आंगन से रामजनकी का शव बरामद किया। शव पूरी तरह सड़ चुका था। बावजूद इसके बाद परिवार वालों ने शव की पहचान की। आरोपी ने बताया कि शराब के नशे के चलते उसने रामजानकी की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को घर के आंगन में ही दफन कर दिया था। इंस्पेक्टर सआदतगंज महेश पाल ने बताया कि सआदतगंज के रामनगर इलाके मेें विधवा रामजानकी अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। बीते 27 अक्टूबर वर्ष 2018 को वह अचानक गायब हो गयी थी। परिवार वालों ने उसको इधर-उधर काफी तलाशा भी था पर उसका कोई पता नहीं चल सका था। इस मामले में एक नवम्बर को रामजानकी की मां काकोरी निवासी सुमित्रा देवी ने गुड्डू बाबा नाम के एक व्यक्ति पर शक जताते हुए एफआईआर दर्ज करायी थी। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस रामजानकी को किसी के साथ भाग जाने की बात मान रही थी। सर्विलांस से प्रेमी का नाम सामने आया रामजानकी के गायब होने की घटना को मामूली गुमशुदगी मानकर पुलिस खामोश बैठी थी। इस बीच उसकी मां लगातार पुलिस के चक्कर लगा रही थी। इंस्पेक्टर सआदतगंज ने बताया कि चंद रोज पहले उन्होंने जब रामजानकी की गुमशुदगी का मामला देखा तो फौरन ही कॉल डीटेल निकाल कर छानबीन शुरू करायी तो विजेन्द्र का नाम सामने आ गया। जानकारी जुटाने पर पता चला कि विजेन्द्र पेशे से मजदूर है और मानकनगर के मेहंदीगंज इलाके में रहता था। कॉल डीटेल यह बता रही थी कि रामजानकी और विजेन्द्र के बीच लम्बी बातचीत होती थी। बस इसके बाद पुलिस ने आरोपी विजेन्द्र को मंगलवार को पकड़ा। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ शुरू की तो वह इधर-उधर की बात बताकर पुलिस को गुमराह करने लगा। विजेन्द्र पर पुलिस का शक गहराता चला गया। सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने रामजानकी की हत्या करने की बात कुबूली। उसी दिन कर दी थी हत्या, घर में दफना दिया था शव आरोपी ने बताया कि उसके और रामजानकी के बीच में प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 27 अक्टूबर को रामजानकी उससे मिलने के लिए उसके घर आयी थी। कुछ देर रुकने के बाद वह अपने घर वापस जाने की बात कहने लगी। इस पर विजेन्द्र ने रामजानकी को रात रुकने और सुबह घर जाने की बात कही, पर रामजानकी उसकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुई। उस वक्त आरोपी शराब के नशे में था। बस इसके बाद आरोपी ने नशे में रामजानकी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को अपने घर के आंगने में दफन कर दिया। आंगन से बरामद किया गया शव आरोपी के इस चौकाने वाले खुलासे के बाद सआदतगंज पुलिस ने अधिकारियों को इस बारे में बताया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस मजिस्टे्रट के साथ विजेन्द्र को उसके घर लेकर पहुंची। पुलिस ने जब आंगन की खुदाई करायी तो तीन फुट नीचे रामजानकी का सड़ा गला शव मिला। पुलिस ने रामजानकी के मायके और ससुराल वालों को बुलाया। उन लोगों ने शव की पहचान रामजानकी के रूप में की। छानबीन के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपी विजेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।