तेज बहादुर की पत्नी बोली, अब कौन मां अपने बेटे को फ़ौज में भेजेगी

नई दिल्ली| खराब खाने की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है| तेज बहादुर की बर्खास्तगी के बाद उनकी पत्नी ने अपना दुःख जाहिर करते हुए कहा है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो अब भला कौन मां अपने बेटे को फौज में भेजेगी|
हैं लेकिन बच्चे को अपनी पिछली जिंदगी के बारे में कुछ भी याद नहीं है।




तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला ने कहा, “मेरे पति को कोर्ट मार्शल कर दिया गया है| उन्होंने जवानों के हित में ये कदम उठाया था और देश को अपना खाना दिखाया था| शर्मिला ने सवाल पूछते हुए कहा, “अगर ऐसी ही जवानों पर कार्रवाई होती रही को भला कौन मां अपने बेटे को फ़ौज में भेजेगी| कौन पत्नी अपने पति को देश की सेवा के लिए सेना में जाने को कहेगी|”

कोर्ट ऑफ इंक्वाइरी में तेज बहादुर को पाया गया दोषी

तेज बहादुर की बर्खास्तगी की कार्रवाई कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में हुई जांच के बाद की गई है, इसमें उसे बीएसएफ की इमेज खराब करने का दोषी पाया गया है| जांच टीम ने एलओसी पर तैनात बाकी जवानों के भी बयान लिए| हालांकि उन्होंने खाने को लेकर किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं की| जवानों का कहना था कि हाई ऑलटिट्यूड पर सादी दाल ही खाने को दी जाती है|

बता दें कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने नौ जनवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें जवानों को मिलने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे और कुछ वरिष्ठ अधिकारयों पर जवानों के लिए आपूर्ति की जाने वाली खाद्य सामग्री को गैर-कानूनी ढंग से बेचने का आरोप लगाया गया था|

जवान ने यह लगाए थे आरोप

तेज बहादुर यादव ने वीडियो में आरोप लगाया था कि नाश्ते में हमें बिना अचार या सब्जी के सिर्फ पराठा और चाय मिलती है| हमें 11 घंटों तक कठिन परिश्रम करना पड़ता है और कई बार तो पूरी ड्यूटी के दौरान खड़े ही रहना पड़ता है|दोपहर के खाने में, हमें रोटी के साथ दाल मिलती है जिसमें सिर्फ हल्दी और नमक ही होता है|ऐसी गुणवत्ता का खाना हमें मिल रहा है| एक जवान कैसे अपनी ड्यूटी कर सकता है? मैं प्रधानमंत्री से जांच की मांग करता हूं| कोई हमारी मुश्किलों को नहीं दिखाता| यह हमारे खिलाफ अत्याचार और अन्याय है|





शराब पीकर ड्यूटी करने का लग चुका है आरोप

20 साल की ड्यूटी में तेज बहादुर पश्चिम बंगाल, मणिपुर, असम, त्रिपुरा, में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं| पिछले बीस साल की सेवा में तेज बहादुर यादव को चार बार कड़ी सजा मिल चुकी है, जिसके तहत उन्हें क्वार्टर गार्ड में भी रखा जा चुका है| शराब पीकर में ड्यूटी करना, सीनियर का आदेश न मानना, बिना बताए ड्यूटी से गायब रहना और कमांडेंट पर बंदूक तानने तक का भी आरोप लगा था|