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आश्रय गृहों में रह रहीं महिलाओं व बालिकाओं को पहुंचाएंगे मदद

Will Help Women And Girls Living In Shelter Homes

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए चलाये जा रहे ‘मिशन शक्ति’ को हर माह अलग-अलग थीम पर मनाने का निर्णय लिया गया है । इस माह की थीम- ‘मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक मुद्दों से सुरक्षा और सपोर्ट’ तय की गयी है । महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इसे चलाया जा रहा है ।

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निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी मनोज कुमार राय का कहना है मिशन शक्ति के मुख्य उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं को स्वावलंबी बनाना, उनमें सुरक्षित परिवेश की अनुभूति कराना और जनजागरूकता पैदा करना शामिल है। आत्म सुरक्षा की कला विकसित करने के लिए महिलाओं और बच्चों को प्रशिक्षित करना तथा उनके प्रति हिंसा करने वालों की पहचान उजागर करने के दृष्टिगत मिशन शक्ति के दूसरे चरण में मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक मुद्दों से सुरक्षा तथा सपोर्ट पर कार्य किया जाना तय किया गया है।

इस माह के दौरान इसके तहत मुख्य रूप से चार स्तरों पर कार्य किया जाएगा, जैसे- मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक सपोर्ट पर जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के जरूरतमंद व्यक्तियों की पहचान करना, सहायता, सेवा, संरक्षण व सुरक्षा सम्बन्धी निर्णय लेने की क्षमता में विकास करना और उच्च परामर्श के लिए रेफर करने का कार्य किया जाएग।  मिशन शक्ति के तहत इस माह मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक सपोर्ट पर जिनको सेवाएं दी जानी हैं उनका चिन्हांकन किया जा रहा है। इनमें आश्रय गृहों में रहने वाली महिलाएं व बच्चे शामिल हैं, चाहे वह किसी क़ानूनी वजह से या देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता के चलते रह रहे हों या उनके खिलाफ किसी प्रकार का अपराध या हिंसा हुई हो।

इसके अलावा पाक्सो एक्ट या यौन हिंसा में शामिल रहे बच्चे व महिलाएं तथा उनके परिवार और समस्त संस्थानों से घर वापस गए या जमानत पर घर गए बच्चों व महिलाओं और उनके परिवार को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर सपोर्ट दिया जाएगा। ऐसे परिवार या व्यक्ति जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने प्रियजनों को खोया है, कोविड-19 प्रभावित व्यक्ति, बच्चे, महिलाएं या उनके परिवार को इसके तहत मदद पहुंचाई जायेगी। कोविड-19 के दौरान लैंगिक हिंसा से जीवित/संघर्षरत, व्यक्ति विशेष, बच्चे, महिलाएं तथा उनके परिवार को मदद पहुंचाई जायेगी । इसके साथ ही बाल श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, महिलाएं, बच्चे और उनके परिवार के अलावा जिनको भी उक्त परामर्श सेवाओं की आवश्यकता होगी उनको मदद पहुंचाई जायेगी ।

मदद को हाथ बढ़ाने की अपील 

मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए नि:शुल्क सेवा देने के इच्छुक लोगों से मदद को हाथ बढाने की अपील भी की गयी है । निदेशक महिला कल्याण का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत जिलों में भौतिक/ऑनलाइन माध्यम से ‘मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक सपोर्ट’ सेवाएं दी जाएंगी । इसके लिए मनोवैज्ञानिकों, मनोवैज्ञानिक संस्थानों, संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, विशेषज्ञों, अनुभवी व्यक्तियों जो मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सपोर्ट सेवाएं मुफ्त में प्रदान करने के इच्छुक हैं वह सम्बंधित जिले के प्रोबेशन अधिकारियों या जिला कार्यक्रम अधिकारियों से संपर्क कर इस मुहिम में सहयोग कर सकते हैं ।

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