क्या बिहार में बिखरती कांग्रेस को साध पाएंगे राहुल गांधी

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Election Result 2018: त्रिपुरा और नागालैंड में नहीं ​खुला कांग्रेस का खाता

Will Rahul Gandhi Be Able To Reunite Bihar Congress

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति इन दिनों एक अलग दौर से गुजर रही है। महागठबंधन सरकार के बिखराव के बाद विपक्ष में जाकर बैठे कांग्रेस के 27 विधायकों में कई ने बागी सुर अपना लिए हैं। ऐसी खबरें बिहार के सियासी गलियारों में तैर रहीं हैं कि 19 विधायकों का एक गुट नीतीश कुमार के साथ जाने की तैयारी में है। यही वजह है कि सृजन घोटाले पर कांग्रेस नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू—भाजपा गठबंधन वाली सरकार पर हमलावर नहीं हो रही है। वहीं नीतीश कुमार भी कांग्रेस कोटे से मंत्री रहे अशोक चौधरी और अवधेश कुमार पर अपनी कृपा बनाए हुए हैं। तमाम पूर्व मंत्रियों से सरकारी बंगले खाली करने को कहा गया है लेकिन इन दोनों पूर्व मंत्रियों को नोटिस नहीं भेजा गया है।

बिहार कांग्रेस में पनप रही बगावत को थामने के लिए पहली कोशिश सोनिया गांधी ने की थी, लेकिन बात न बनने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस से नाराज चल रहे 16 विधायकों को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया था। बुधवार को रखी गई इस बैठक से छह विधायकों के गैर हाजिर रहने की बात सामने आ रही है। इस बैठक में बिहार कांग्रेस में बने दोनों गुटों के नेताओं ने भी इस ​बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में विधायकों ने कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के विधायक नहीं चाहते कि उन्हें लालू प्रसाद यादव के सुर में सुर मिलाने के लिए वाध्य किया जाए। लालू प्रसाद यादव की भ्रष्टाचारी छवि को बिहार कांग्रेस के विधायकों ने पार्टी के भविष्य के लिए हानिकारक बताया है।

ऐसी परिस्थिति में राहुल गांधी की बैठक को फेल बताया जा रहा है, क्योंकि पार्टी सुप्रीमो सोनिया गांधी पूरी तरह से लालू प्रसाद यादव को समर्थन करने के लिए कह चुकीं हैं। अब राहुल गांधी क्या कदम उठाते हैं यह भविष्य ही तय करेगा।

लालू से अलग होकर कांग्रेस के हाथ क्या आएगा —

27 विधायकों के साथ बिहार विधानसभा के विपक्ष में बैठी कांग्रेस अगर आरजेडी से अलग अपना रास्ता बनाती है, तो उसे नंबर दो की पोजीशन मिलेगी। मुख्य विपक्षी दल के रूप में पहचान आरजेडी की ही रहेगी। बिहार में एक मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए कांग्रेस का आरजेडी के साथ बना रहा एक बेहतर विकल्प नजर आ रहा है।

​इस लिहाज से कांग्रेसी विधायकों का लालू का साथ छोड़ने की मांग करना कहीं न कहीं स्पष्ट करता है कि उनका झुकाव नीतीश कुमार की ओर है।

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति इन दिनों एक अलग दौर से गुजर रही है। महागठबंधन सरकार के बिखराव के बाद विपक्ष में जाकर बैठे कांग्रेस के 27 विधायकों में कई ने बागी सुर अपना लिए हैं। ऐसी खबरें बिहार के सियासी गलियारों में तैर रहीं हैं कि 19 विधायकों का एक गुट नीतीश कुमार के साथ जाने की तैयारी में है। यही वजह है कि सृजन घोटाले पर कांग्रेस नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू—भाजपा गठबंधन वाली सरकार पर हमलावर…