क्या मोदी कैबिनेट में हिस्सेदारी ठुकरा कर अलग पार्टी बनाएंगे शरद यादव

शरद यादव
क्या मोदी कैबिनेट में हिस्सेदारी ठुकरा कर अलग पार्टी बनाएंगे शरद यादव

नई दिल्ली। जद(यू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीच भाजपा को लेकर मतभेद बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी में शरद यादव के करीबी नेताओं का मानना है कि शरद यादव जद यू से अलग होकर अपनी नई पार्टी खड़ी करेंगे। जिसमें नीतीश कुमार विरोधी जदयू नेता उनके साथ रहेंगे। हालांकि पार्टी के ही वरिष्ठ नेता और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने ऐसी किसी भी खबर से इंकार किया है।

वहीं सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार का सेक्युलर गठबंधन से अलग जाना शरद यादव को रास नहीं आया है। भाजपा की ओर मान मनौब्बल की तमाम कोशिशें के बाद भी शरद यादव का मन नीतीश के फैसले को लेकर बदलता नजर नहीं आ रहा है। वह लगातार सेक्युलर गठबंधन के नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं। कहा तो यह तक जा रहा है कि वे सेक्युलर गठबंधन को भरोसा दे चुके हैं कि वह गठबंधन को छोड़कर भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।

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शरद यादव ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया भले ही न दर्ज करवाई हो लेकिन वह सार्वजनिक रूप से महागठबंधन से अलग होने को लेकर अपनी नखुशी जाहिर कर चुके हैं।

जदयू से राज्यसभा सांसद शरद यादव ने 31 जुलाई को संसद के बाहर मीडिया में अपना नजरिया बयान करते हुए कहा था कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को अपना बहुमत दिया था। जिस तरह से बिहार में महागठबंधन की सरकार गिरी यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।

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शरद यादव द्वारा नई पार्टी के गठन को लेकर जदयू नेता केसी त्यागी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि वह जदयू के भाजपा के साथ जाकर बिहार में नई सरकार बनाने से नाखुश जरूर हैं लेकिन उन्होंने किसी तरह का विरोध दर्ज नहीं करवाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शरद यादव के 40 वर्षीय राजनीतिक संघर्ष को देखा जाए तो वह एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही लालू प्रसाद यादव से अलग होने का फैसला लिया था, ऐसे में उनका लालू के साथ जाने की अटकलें लगाना सही नहीं होगा।

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