पाकिस्तानी F-16 विमान को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वीर चक्र से होंगे सम्मानित

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पाकिस्तानी F-16 विमान को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन स्वतंत्रता दिवस पर वीर चक्र से होंगे सम्मानित

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीर चक्र से सम्मानित किया जायेगा। विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में एफ-16 विमान को मार गिराया था। वीर चक्र युद्धकाल में बहादुरी के लिए दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है।

Wing Commander Abhinandan To Be Honored With Vir Chakra On Independence Day :

पहले नंबर पर परमवीर चक्र और दूसरे पर महावीर चक्र हैं। वहीं, इसके साथ ही स्क्वाड्रन लीडर मिन्टी अग्रवाल को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। गौरतलब है कि, 27 फरवरी को मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 विमानों का पीछा करने के बाद एक विमान मार गिराया था। इस दौरान उनका विमान एक मिसाइल का निशाना बन गया था, जिसके नष्ट होने से पहले ही अभिनंदन विमान से निकल गए थे।

हालांकि, इस दौरान वह पीओके में फंस गए थे। भारत के दबाव में पाकिस्तान को अभिनंदन वर्तमान को छोड़ना पड़ा था। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन लगभग 60 घंटों के बाद ही उन्हें वाघा बॉर्डर पर भारत को वापस कर दिया था।

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीर चक्र से सम्मानित किया जायेगा। विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में एफ-16 विमान को मार गिराया था। वीर चक्र युद्धकाल में बहादुरी के लिए दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। पहले नंबर पर परमवीर चक्र और दूसरे पर महावीर चक्र हैं। वहीं, इसके साथ ही स्क्वाड्रन लीडर मिन्टी अग्रवाल को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। गौरतलब है कि, 27 फरवरी को मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 विमानों का पीछा करने के बाद एक विमान मार गिराया था। इस दौरान उनका विमान एक मिसाइल का निशाना बन गया था, जिसके नष्ट होने से पहले ही अभिनंदन विमान से निकल गए थे। हालांकि, इस दौरान वह पीओके में फंस गए थे। भारत के दबाव में पाकिस्तान को अभिनंदन वर्तमान को छोड़ना पड़ा था। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन लगभग 60 घंटों के बाद ही उन्हें वाघा बॉर्डर पर भारत को वापस कर दिया था।