आ गई है सर्दी, रात सोने से पहले जरूर खाएं गुड़

नई दिल्ली: हमारे बड़े-बूढ़े हमेशा से गुड़ खाने की सलाह देते हैं। उनका कहना था कि देशी गुड़ खाने से तमाम तरह की बीमारियां अपने आप नष्ट हो जाती हैं। शायद इसलिए वह लोग खाने में गुड़ शामिल करते थे। इसके अलावा गर्मियों में गुड़ का शरबत इस्तेमाल में ज्यादा लाते थे। क्योंकि शक्कर और गुड़ में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है। कार्बोहाइड्रेट आपके शरीर के लिए ग्लूकोज का काम करता है। यह आपके वजन को संतुलित रखता है तथा दिमाग के सारे फंक्शन को दुरुस्त रखता है।




सर्दियां आने वाली हैं इस मौसम में अक्सर लोगों को कफ और ख़ासी जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यदि प्रतिदिन गुड खाया जाए तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। एनीमिया रोग से पीड़ित लोगों को डॉक्टर खुद गुड का सेवन करने की सलाह देते हैं। शुगर के मरीज इसका सेवन चीनी की जगह कर सकते हैं क्योंकि की चीनी के मुक़ाबले गुड काफी लाभप्रद होता है।

गुड़ शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करता है। सर्दियों में, यह शरीर के तापमान को विनियमित करने में मदद करता है। इसके अलावा गुड़ गले और फेफड़ों के संक्रमण के इलाज में फायदेमंद होता है। गुड़ खाने से याद्दाश्त कमजोर नहीं होती, इसलिए अगर आप अपनी याद्दाश्त दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो इसका नियमित सेवन करें। थकान मिटाने के लिए गुड़ का शर्बत पीएं। अगर आपके कान में दर्द रहता है, तो घी में गुड़ मिलाकर खाएं। अगर आपको कम भूख लगती है, तो इसका सेवन करें। इसका सेवन करने से भूख ज्यादा लगती है।

अस्थमा से परेशान लोगों के लिए गुड़ और काले तिल से बने लड्डू खाना फायदेमंद होता हैं। दिल की बीमारी से परेशान लोगों के लिए लाभदायक साबित होता है। गुड़ खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसे खाने से बैठे हुए गले को ठीक किया जा सकता है। गुड़ से बनी चाय सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है, इसलिए चाय में चीनी की जगह गुड़ डालें। अगर आपको खट्टी डकारें आती हैं, तो गुड़ में काला नमक मिलाकर चाटें ऐसा करने से खट्टी डकारें आना बंद हो जाएंगी। ज्यादातर लोगों को लगता है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आपको भी यही लगता है, तो ये आपकी गलतफहमी है। ये एक ऐसी चीज है, जिसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है। गुड़ जितना पुराना होता है, उतना लाभदायक साबित होता है। इसलिए गुड़ के पुराना होने पर उसे फेंके नहीं। गुड़ का सेवन करने से आप सर्दियों में हेल्दी रह सकते हैं।




गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और मेटाबॉल्जिम ठीक करता है। रोज एक गिलास पानी या दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है। इससे गैस की दिक्कत नहीं होती है। जिन लोगों को गैस की परेशानी है, वो रोज़ लंच या डिनर के बाद थोड़ा गुड़ ज़रूर खाएं। जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द होता है, उनके लिए गुड़ का सेवन काफी फायदेमंद है। गुड़ आपके पाचन को सही रखता है। इसलिए पीरियड्स के दौरान गुड़ खाएं। इससे आपको दर्द कम होगा। गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है। इसलिए यह एनीमिया के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद है। खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत अधिक ज़रूरी है।

गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन दूर करता है, जिससे त्वचा दमकती है और मुहांसे की समस्या नहीं होती है। गुड़ की तासीर गर्म है, इसलिए इसका सेवन जुकाम और कफ से आराम दिलाता है। जुकाम के दौरान अगर आप कच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैं तो चाय या लड्डू में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बुहत ज़्यादा थकान और कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी पच जाता है, इससे शुगर का स्तर भी नहीं बढ़ता। दिनभर काम करने के बाद जब भी आपको थकान हो, तुरंत गुड़ खाएं। गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए दमा के मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है। रोज़ गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक का सेवन करें, इससे सर्दियों में जोड़ों के दर्द की दिक्कत नहीं होगी।

गुड़ के साथ पके चावल खाने से बैठा हुआ गला व आवाज खुल जाती है। गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में अस्थमा की परेशानी नहीं होती है। भोजन के बाद गुड़ खाने से पेट में गैस नहीं बनती। पांच ग्राम सौंठ दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से पीलिया रोग में लाभ होता है। यह खांसी, दमा, अपच, माइग्रेन, थकान व इसी तरह की अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से निपटने में मदद करता है। यह संकट के दौरान तुरन्त ऊर्जा देता है। यह व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में सहायक होता है। गुड़ शरीर में जल के अवधारण को कम करके शरीर के वजन को नियंत्रित करता है। गुड़ उच्च स्तरीय वायु प्रदूषण में रहने वाले लोगों को इससे लड़ने में मदद करता है, संक्षेप में कहें, तो गुड़ एक खाद्य पदार्थ कम, औषधि ज्यादा है।



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