इन फीचर्स के साथ 17 साल के लड़के ने स्मार्ट टीशर्ट का किया आविष्कार

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इन फीचर्स के साथ 17 साल के लड़के ने स्मार्ट टीशर्ट का किया आविष्कार

नई दिल्ली। तकनीक सातवे आसमान में पहुंच गया है। वहीं तकनीक का इस्तेमाल कर 17 साल के हर्षिल आनंद ने एक ऐसी टीशर्ट बनाई है, जिसको पहनने पर हेल्थ स्टेटस पता चलता है। इस स्मार्ट टीशर्ट को नाम दिया भी दिया गया है। इसे स्मार्टी टीशर्ट नाम दिया गया है। इसे खासकर बुजुर्गों के लिए बनाया गया है। हर्षिल ने कहा कि जाे बच्चे घर से दूर रहते हैं और अपने माता-पिता का नियमित चेकअप नहीं करा पाते, वो इसके जरिए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले पाएंगे।

With These Features 17 Year Old Boy Invented Smart T Shirt :

दरअसल, हर्षिल के परिवार का कहना है कि, उसे बचपन से कुछ नया करने का शौक था। उसने कम उम्र में ही रोबोट पर काम करने के साथ-साथ ड्रोन भी बनाना शुरू कर दिया था। इसके लिए एक कंपनी बनाई। फिर ऐसी टी-शर्ट डिजाइन की जो आपके हेल्थ डेटा को कलेक्ट करती है और उसे सर्वर पर अपलोड करती है।

इस टीशर्ट की खासियत

बता दें, इस टीशर्ट में जो चिप लगी है, वो पूरे डेटा को क्लाउड सर्वर के जरिए हर पांच सेकंड में अपलोड करती है। यह टीशर्ट बॉडी में ब्लड प्रेशर, ईसीजी, स्ट्रेस लेवल, ब्रीदिंग रेट और हार्ट बीट के डेटा को कलेक्ट करती है। इसके साथ ही इसमें एक पैनिक बटन है, जो इमरजेंसी के वक्त फौरन एप इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति के फोन पर सूचना भेज देती है।

हर्षिल को मिला दोस्तों का साथ

वहीं ,हर्षिल बताते हैं कि यह पूरी तरह हेल्थ बेस्ड टीशर्ट है। अभी इस इनोवेशन पर हर्षिल के साथ तीन और लोग काम कर रहे हैं। इनमें एक राजस्थान के रोहित दयानी हैं, जो अभी 10वीं के छात्र हैं। दूसरे नालंदा के रंजन कुमार बीटेक कर रहे हैं। तीसरे झारखंड के त्रिशित प्रमाणिक 12वीं कक्षा में हैं। युवाओं का यह ग्रुप इंटरनेट के जरिए बना है। इनकी दोस्ती वर्चुअली हुई और ये मिलकर विक्युब कंपनी चला रहे हैं। ये चारों फूड ऑर्डरिंग के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं, जो फूड ऑर्डर करने को बहुत ही सरल बनाएगा।

इससे पहले बनाया था ड्रोन

इसके अलावा हर्षिल को 2017 में अपने ड्रोन के आविष्कार पर पुरस्कार भी मिला है। इन्होंने ऐसा ड्रोन बनाया है जो नैचुरल डिजास्टर की जगह पर मेडिकल सप्लाई कर सकता है। ऐप के जरिए आपको बस लोकेशन डालना है जिसके बाद ड्रोन उस लोकेशन पर दवा, बैंडेज आदि पहुंचा सकता है। 11वीं क्लास में पढ़ रहे हर्षिल को आईआईटी पटना, बीआईटी मेसरा और बीआईए में हाल ही में हुई प्रतियोगिता में अपने आविष्कारों के लिए पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई को प्रोजेक्ट बनाते देख मेरे दिमाग में भी आइडिया आते थे। उसके बाद मैंने ड्रोन पर काम करना शुरू किया।

नई दिल्ली। तकनीक सातवे आसमान में पहुंच गया है। वहीं तकनीक का इस्तेमाल कर 17 साल के हर्षिल आनंद ने एक ऐसी टीशर्ट बनाई है, जिसको पहनने पर हेल्थ स्टेटस पता चलता है। इस स्मार्ट टीशर्ट को नाम दिया भी दिया गया है। इसे स्मार्टी टीशर्ट नाम दिया गया है। इसे खासकर बुजुर्गों के लिए बनाया गया है। हर्षिल ने कहा कि जाे बच्चे घर से दूर रहते हैं और अपने माता-पिता का नियमित चेकअप नहीं करा पाते, वो इसके जरिए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले पाएंगे।

दरअसल, हर्षिल के परिवार का कहना है कि, उसे बचपन से कुछ नया करने का शौक था। उसने कम उम्र में ही रोबोट पर काम करने के साथ-साथ ड्रोन भी बनाना शुरू कर दिया था। इसके लिए एक कंपनी बनाई। फिर ऐसी टी-शर्ट डिजाइन की जो आपके हेल्थ डेटा को कलेक्ट करती है और उसे सर्वर पर अपलोड करती है।

इस टीशर्ट की खासियत

बता दें, इस टीशर्ट में जो चिप लगी है, वो पूरे डेटा को क्लाउड सर्वर के जरिए हर पांच सेकंड में अपलोड करती है। यह टीशर्ट बॉडी में ब्लड प्रेशर, ईसीजी, स्ट्रेस लेवल, ब्रीदिंग रेट और हार्ट बीट के डेटा को कलेक्ट करती है। इसके साथ ही इसमें एक पैनिक बटन है, जो इमरजेंसी के वक्त फौरन एप इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति के फोन पर सूचना भेज देती है।

हर्षिल को मिला दोस्तों का साथ

वहीं ,हर्षिल बताते हैं कि यह पूरी तरह हेल्थ बेस्ड टीशर्ट है। अभी इस इनोवेशन पर हर्षिल के साथ तीन और लोग काम कर रहे हैं। इनमें एक राजस्थान के रोहित दयानी हैं, जो अभी 10वीं के छात्र हैं। दूसरे नालंदा के रंजन कुमार बीटेक कर रहे हैं। तीसरे झारखंड के त्रिशित प्रमाणिक 12वीं कक्षा में हैं। युवाओं का यह ग्रुप इंटरनेट के जरिए बना है। इनकी दोस्ती वर्चुअली हुई और ये मिलकर विक्युब कंपनी चला रहे हैं। ये चारों फूड ऑर्डरिंग के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं, जो फूड ऑर्डर करने को बहुत ही सरल बनाएगा।

इससे पहले बनाया था ड्रोन

इसके अलावा हर्षिल को 2017 में अपने ड्रोन के आविष्कार पर पुरस्कार भी मिला है। इन्होंने ऐसा ड्रोन बनाया है जो नैचुरल डिजास्टर की जगह पर मेडिकल सप्लाई कर सकता है। ऐप के जरिए आपको बस लोकेशन डालना है जिसके बाद ड्रोन उस लोकेशन पर दवा, बैंडेज आदि पहुंचा सकता है। 11वीं क्लास में पढ़ रहे हर्षिल को आईआईटी पटना, बीआईटी मेसरा और बीआईए में हाल ही में हुई प्रतियोगिता में अपने आविष्कारों के लिए पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई को प्रोजेक्ट बनाते देख मेरे दिमाग में भी आइडिया आते थे। उसके बाद मैंने ड्रोन पर काम करना शुरू किया।