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जालसाजों के पास कैसे पहुंच रही है खाताधारकों की डिटेल, बैंक कर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में?

Withdraw 1 22 Lakh From Retired Ips Account

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटे हैं। पीएम की अपील पर डिजिटल लेनदेन भी बढ़ा। डिजिटल लेनदेन के बढ़ते ही साइबर जालसाजों की सक्रियता भी बढ़ गई और वह आसानी से लोगों के बैंक खातों तक पहुंचने लगे। सबसे बढ़ी बात यह है कि बैंक खातों तक पहुंचने के लिए जालसाजों की मदद में बैंककर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। सवाल यह उठता है कि, बैंंक खातों से लेकर खाताधारक के मोबाइल नंबर तक जालसाजों तक कैसे पहुंच रहा है? साथ ही बैंक में किसी लेनदेने की शिकायत तक की भी जानकारी जालसाजों तक आसानी से पहुंच रही है, जिसके कारण वह आसानी से लोगों के खातों रुपये निकाल रहे हैं।

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एक ऐसा ही मामला राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में सामने आया, जब​ एक रिटायर आईपीएस अफसर के खाते से 1.22 लाख रुपये जालसाजों ने कई किस्तों में पार कर दिया। दरअसल, रिटायर आईपीएस केके अस्थाना के खाते से 14 अगस्त को 5 हजार रुपये का गलत ट्रांजेक्शन हो गया था। इसकी शिकायत उन्होंने पीएनबी बैंक में की, जिसके बाद बैंककर्मियों द्वारा रुपये वापस आने का आश्वासन दिया गया। इस बीच 15 अगस्त को रिटायर आईपीएस केके अस्थाना के पास एक फोन आया, जो खुद को बैंककर्मी बताते हुए कहा कि, रुपये वापस लाने के लिए बैंक खाते को री—स्टोर करना पड़ेगा।

इसके लिए बैंक खाते में जमा रुपये को निकालना पड़ेगा, जिसके बाद उसमें रुपये डाल दिए जायेंगे। झांसे में फंसे रिटायर आईपीएस ट्रांजेक्शन की ओटीपी बताते रहे, जिसके बाद उनके खाते से कुछ ही देर में ही 1.22 लाख रुपये निकल गए। काफी देर के बाद बैंक खाते में दोबारा रुपये नहीं आने पर केके अस्थाना को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने साइबर क्राइम सेल में इसकी शिकायत की, जिसके बाद जांच में सामने आया कि जालसाजों ने उनके रुपये महिंद्रा कोटेक बैंक में ट्रांसफर किया था, जिसके बाद उन रुपयों को निकाल लिया था।

आखिरी कैसे मिल रही है जालसाजों को डिटेल
रिटायर आईपीएस अफसर केके अस्थाना के बैंक में शिकायत करने के बाद आखिरी जालसाजों को इसकी जानकारी कैसे मिली? जालसाज उनकी पूरी शिकायत के बारे में जानकारी करके केके अस्थाना के पास फोन किया था। ऐसे में सवाल उठाता है कि, बैंक कर्मियों की मिलीभगत से ही जालसाजों को खातों की जानकारी मिल रही है, जिसके बाद वह आसानी से रुपये निकाल ले रहे हैं।

आईएएस की बहन के खाते से निकाले 5.20 लाख
नाका क्षेत्र में रहने वाली कर्नाटक कैडर के आईएएस ईश्वर कुमार कांदू की बहन सोनल के खाते से जालसाजों ने 5.20 लाख रुपये पार कर दिये। दरअसल, सोनल ने भाई को राखी और गिफ्ट अमेजॉन से बुक कराया था। राखी और गिफ्ट नहीं आने पर उसने इसकी शिकायत कॉल सेंटर पर की, जिसके बाद उसके पास एक लिंक आया और उसे फॉलो करने के लिए कहा गया। सोनल ने वह लिंक करके फॉलो किया तो उसके खाते से कुछ ही देर में 5.20 लाख रुपये पार हो गए। उसने इसकी शिकायत नाका थाने में की है।

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