ओडीएफ का सच: 30 प्रतिशत घरों में शौचालय बनवाकर गांवों को घोषित कर दिया शौचमुक्त

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ओडीएफ का सच: 30 प्रतिशत घरों में शौचालय बनवाकर गांवों को घोषित कर दिया शौचमुक्त

Without Making Toilets Village Are Became Odf

लखनऊ। गांवों को शौचमुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को इतनी जल्दी है, कि बिना शौचालय निर्माण के ही गांवों को ओडीएफ घोषित करवा दे रहे है। इसकी बानगी राजधानी के बीकेटी इलाके में देखने को मिली। जहां अफसरों ने प्रधान के साथ शौचमुक्त पंचायत का बोर्ड लगाकर फीता भी काट दिया। जबकि इस गांव में करीब 70 प्रतिशत घरों में अभी भी शौचालय नही है।

इलाके के बेहड़ा ग्राम पंचायत के नि:शक्त रामगोपाल वर्मा ने बताया कि वह एक पैर से नि:शक्त हैं। उसे शौचालय की शख्त जरूरत थी, लेकिन नहीं दिया गया। वहीं 80 वर्षीय बुजुर्ग जसोदा देवी के लिए एक कदम चलना दुश्वार है। इसके बावजूद उन्हें शौचालय नहीं दिया गया और वे गांव के बाहर खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

बता दें कि बीकेटी ब्लॉक की अब तक 40 ग्राम पंचायतें ओडीएफ घोषित की जा चुकी हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इन गांवों के ग्रामीण अभी भी बाहर ही शौच के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान व जिम्मेदार अफसरों ने अपनी वाहवाही के लिए गांवों के बाहर ओडीएफ का बोर्ड लगवा दिया। रामपुर बेहड़ा के मुकेश, सुनीता, रामदयाल वर्मा, मेवालाल, मुकेश, महेंद्र रामनाथ रामदेवी, अनीता और प्रेमसागर ने बताया कि अब तक गांव में 70 प्रतिशत घरों में शौचालय नही है। उनका कहना है कि अधिकारी रात में गांव के बाहर ओडीएफ का बोर्ड लगाकर चले गए है।

दिगोई गांव को 2015 में सबसे पहले ओडीएफ घोषित किया गया था। यहां के ग्राम प्रधान ने पात्रों को रकम देने के बजाए अपने रिश्तेदारों से शौचालयों का निर्माण कराया, जिनमें जमकर अनियमितताएं बरती गई। यही वजह है कि गांव के श्याम लाल सहित कई लोगों के शौचालय गिर गए। इसकी वजह से अब वे लोग गांव के बाहर खुले में ही शौच जाने को मजबूर हैं।

बीडीओ राजीव गुप्ता का कहना है कि रामपुर बेहड़ा को सचिव बलराम बाजपेई की रिपोर्ट पर ओडीएफ घोषित किया गया था। मुझे इस बात की जानकारी नहीं कि अभी गांव में सभी शौचालय पूर्ण नहीं है। मैं इसकी जांच करवाकर डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजूंगा। वहीं ग्राम प्रधान रामप्रताप वर्मा ने कहा कि ब्लॉक से दिन पर दिन ओडीएफ करने के लिए दबाव पड़ रहा था। क्या करता मजबूरन ओडीएफ बताना पड़ा। वैसे काम करवाया जा रहा है। 240 में से 100 शौचालय बन गए हैं। बाकी जल्द ही बनवा लिए जाएंगे।

लखनऊ। गांवों को शौचमुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को इतनी जल्दी है, कि बिना शौचालय निर्माण के ही गांवों को ओडीएफ घोषित करवा दे रहे है। इसकी बानगी राजधानी के बीकेटी इलाके में देखने को मिली। जहां अफसरों ने प्रधान के साथ शौचमुक्त पंचायत का बोर्ड लगाकर फीता भी काट दिया। जबकि इस गांव में करीब 70 प्रतिशत घरों में अभी भी शौचालय नही है। इलाके के बेहड़ा ग्राम पंचायत के नि:शक्त रामगोपाल वर्मा ने बताया कि वह एक पैर…