महिला कर रही थी कैब चालक को ब्लैकमेल, कर दी गयी हत्या

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश कह राजधानी लखनऊ के गुड़म्बा इलाके में रहने वाले बिजली ठेकेदार वीरेन्द्र की पत्नी किरण वर्मा की हत्या ब्लैकमेलिंग के चलते अंजाम दी गयी थी। पुलिस ने हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए एक कैब चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू, बाइक और हेलमेट बरामद कर लिया। किरण वर्मा काफी समय से कैब चालक को ब्लैकमेल कर रही थी।

Woman Was Murdered Due To Blackmailing :

एसपी टीजी अमित कुमार ने बताया कि बाराबंकी निवासी बिजली ठेकेदार वीरेंद्र वर्मा की पत्नी किरण वर्मा की बीते 8 जून की रात गल रेत की हत्या कर दी गयी थी। घटना के बाद वीरेंद्र बाराबंकी गया था जबकि बेटा आशुतोष दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया था। वहीं छोटी बेटी निधि बड़ी बहन की ससुराल में थी। बेटे आशुतोष के शाम 7.10 जब फिल्म देखकर लौटा तो उसने मां का खून से लथपथ शव बेड़ के नीचे पड़ा देखा। इस मामले में वीरेन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर थी। पुलिस इस हत्या के मामले में परिवार के किसी करीबी का हाथ मान रही थी।

सर्विलांस से कैब चालक अभय का चला पता
किरण की हत्या के मामले में छानबीन और सर्विलांस की मदद से मदद से पुलिस को गोमतीनगर निवासी कैब चालक अभय कुमार का पता चला। पुलिस ने जब अभय के बारे में जानकारी जुटायी तो जानकारी मिली वह मूल रूप से बाराबंकी का रहने वाला है। पुलिस को अभय और किरण के बीच बातचीत की भी डीटेल मिली।

आपत्तिजनक वीडियो के नाम पर कर रही ब्लैकमेल
कैब चालक अभय का नाम सामने आने के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने अभय को गोमतीनगर इलाके से पकड़ा। पूछताछ की गयी तो उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की पर बाद मेें जब पुलिस ने उसको कॉल डीटेल के बारे में बताया तो वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसका और किरण की बड़ी बेटी से दस साल से प्रेम-प्रसंग था। इस बीच किरण ने दोनों के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हासिल कर लिये। इन्हीं फोटो और वीडियो का हथियार बनाकर किरण अभय को ब्लैकमेल करने लगी थी। किरण अभय को दुराचार के मामले में फंसा देने की धमकी दे रही थी। इसके बाद किरण की बेटी की शादी तय हो गयी। किरण ने बेटी की शादी में अभय से काफी रकम ऐंठी। किरण ने अभय को आश्वासन दिया था कि बेटी की शादी के बाद वह फोटो और वीडियो नष्ट कर देगी, पर किरण बेटी की शादी के बाद ऐसा नहीं किया और अभय को ब्लैकमेल करने का सिलसिला जारी रहा।

प्लान बनाकर अभय ने की हत्या
किरण की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अभय ने किरण को ही रास्ते से हटाने की ठान ली। अभय को किरण के घरवालों के आन और जान के बारे में पहले से पता था। अभय ने घर पर मौजूद किरण के बेटे आशुतोष को रुपये देकर एसआरएस मॉल फिल्म देखने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने अपनी कैब खड़ी की और बाइक से किरण के घर पहुंच गया। अभय ने घर पर अकेली मौजूद किरण से फोटो और वीडियो की मांग की। इस पर किरण ने देने से इनकार कर दिया। बस इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और अभय ने किरण की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी थी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कह राजधानी लखनऊ के गुड़म्बा इलाके में रहने वाले बिजली ठेकेदार वीरेन्द्र की पत्नी किरण वर्मा की हत्या ब्लैकमेलिंग के चलते अंजाम दी गयी थी। पुलिस ने हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए एक कैब चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू, बाइक और हेलमेट बरामद कर लिया। किरण वर्मा काफी समय से कैब चालक को ब्लैकमेल कर रही थी। एसपी टीजी अमित कुमार ने बताया कि बाराबंकी निवासी बिजली ठेकेदार वीरेंद्र वर्मा की पत्नी किरण वर्मा की बीते 8 जून की रात गल रेत की हत्या कर दी गयी थी। घटना के बाद वीरेंद्र बाराबंकी गया था जबकि बेटा आशुतोष दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया था। वहीं छोटी बेटी निधि बड़ी बहन की ससुराल में थी। बेटे आशुतोष के शाम 7.10 जब फिल्म देखकर लौटा तो उसने मां का खून से लथपथ शव बेड़ के नीचे पड़ा देखा। इस मामले में वीरेन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर थी। पुलिस इस हत्या के मामले में परिवार के किसी करीबी का हाथ मान रही थी। सर्विलांस से कैब चालक अभय का चला पता किरण की हत्या के मामले में छानबीन और सर्विलांस की मदद से मदद से पुलिस को गोमतीनगर निवासी कैब चालक अभय कुमार का पता चला। पुलिस ने जब अभय के बारे में जानकारी जुटायी तो जानकारी मिली वह मूल रूप से बाराबंकी का रहने वाला है। पुलिस को अभय और किरण के बीच बातचीत की भी डीटेल मिली। आपत्तिजनक वीडियो के नाम पर कर रही ब्लैकमेल कैब चालक अभय का नाम सामने आने के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने अभय को गोमतीनगर इलाके से पकड़ा। पूछताछ की गयी तो उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की पर बाद मेें जब पुलिस ने उसको कॉल डीटेल के बारे में बताया तो वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसका और किरण की बड़ी बेटी से दस साल से प्रेम-प्रसंग था। इस बीच किरण ने दोनों के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हासिल कर लिये। इन्हीं फोटो और वीडियो का हथियार बनाकर किरण अभय को ब्लैकमेल करने लगी थी। किरण अभय को दुराचार के मामले में फंसा देने की धमकी दे रही थी। इसके बाद किरण की बेटी की शादी तय हो गयी। किरण ने बेटी की शादी में अभय से काफी रकम ऐंठी। किरण ने अभय को आश्वासन दिया था कि बेटी की शादी के बाद वह फोटो और वीडियो नष्ट कर देगी, पर किरण बेटी की शादी के बाद ऐसा नहीं किया और अभय को ब्लैकमेल करने का सिलसिला जारी रहा। प्लान बनाकर अभय ने की हत्या किरण की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अभय ने किरण को ही रास्ते से हटाने की ठान ली। अभय को किरण के घरवालों के आन और जान के बारे में पहले से पता था। अभय ने घर पर मौजूद किरण के बेटे आशुतोष को रुपये देकर एसआरएस मॉल फिल्म देखने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने अपनी कैब खड़ी की और बाइक से किरण के घर पहुंच गया। अभय ने घर पर अकेली मौजूद किरण से फोटो और वीडियो की मांग की। इस पर किरण ने देने से इनकार कर दिया। बस इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और अभय ने किरण की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी थी।