मेरठ: इंसाफ के लिए थाने पहुंची पीड़िता को दरोगा ने दुत्कार कर भगाया, महिला ने दी जान

मेरठ| वारंट के बाद भी पति की गिरफ्तारी नहीं किए जाने और शिकायत करने पर दारोगा द्वारा दुत्कारे जाने से आहत महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव को को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका के परिजनों ने उसके पति संजीव और ससुर व दो देवरों के खिलाफ सीमा को खुदकुशी के लिए उकसाने की तहरीर दी है।




पुलिस के मुताबिक, गंगानगर आई ब्लॉक के मकान नंबर 323 निवासी शांतिस्वरूप शर्मा इंचैली के पशु चिकित्सालय में कर्मचारी हैं। उनकी पुत्री सीमा का विवाह कपसाड़ निवासी संजीव के साथ हुआ था, लेकिन पति से विवाद के चलते चार साल से सीमा अपनी पांच साल की बेटी मानवी के साथ मायके में ही रह रही थी। उसका अपने पति संजीव से कोर्ट में केस चल रहा था।

कोर्ट में चल रहे भरण-पोषण खर्च देने के मामले में संजीव के खिलाफ वारंट जारी था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इसको लेकर सीमा एसएसपी कार्यालय में भी गई थी। परिजनों का कहना है कि तीन दिन पहले सीमा पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सरधना थाने गई थी और खुदकुशी करने की धमकी दी थी। आरोप है कि थाने में मौजूद दारोगा ने उसका मजाक बनाते हुए उसे वास्तव में खुदकुशी करने की सलाह दी थी।

बताते हैं कि वापस आने के तीन दिन बाद सीमा ने शनिवार को जब घर में खुद को अकेला पाया, तो अपने कमरे में पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगाकर जान दे दी। घर पहुंचे परिजनों से उसे पंखें से उतारा और सीमा को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।




उधर, मृतका के परिजनों ने उसके पति संजीव और ससुर व दो देवरों के खिलाफ सीमा को खुदकुशी के लिए उकसाने की तहरीर दी है। हालांकि परिजन सीमा को मजाक उठाने वाले दारोगा पर भी आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।