सावन स्पेशल: महिलाओं को भूल कर भी सावन मे नहीं करना चाहिए ये काम, नहीं मिलता भोले की पूजा का फल

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श्रवण मास के लगते ही भोले के सभी भक्त बोले का जल अभिषेक करने को आतुर हो जाते हैं। सावन के पहले सोमवार से ही भोले की महिमा का गुणगान करते हैं और उपवास- व्रत करना शुरू कर देते हैं। ये महीना हर हिन्दू के लिए बहुत खास माना जाता है।

Women Should Not Do This Work In The Spring Even After Forgetting It :

सावन मे सुहागन स्त्रियां पति की लंबी उम्र व सुखी वैवाहिक जीवन एवं कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर की मनोकामना पूर्ती के लिए व्रत रखती हैं।

इस दौरान जरूरी हैं कि इसके पूर्ण नियमों का पालन किया जाए अन्यथा इस व्रत का फल नहीं मिल पाता हैं। तो आइये जानते हैं उन काम के बारे में जो सावन के महीने में महिलाओं को नहीं करने चाहिए।

सावन मे करें इन नियमो का पालन

भले ही हल्दी पूजा आदि कार्यों के लिए शुभ माना जाता हो लेकिन भगवान शिव को हल्दी लगाना अशुभ माना जाता है। पूजा में शिव भगवान को भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद फूल, शहद, फल आदि चढ़ाएं।

सिर्फ व्रत ही नहीं बल्कि घर की महिलाओं को कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। वहीं महिलाओं को अपनी वाणी पर भी कंट्रोल रखना चाहिए। इससे परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।

शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं को बाल खुले नहीं छोड़ने चाहिए। इससे परिवार में कलह-कलेश और नाकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। शास्त्रों में भी जिक्र है कि विवाह के दौरान माता सीता की मां ने उन्हें हमेशा बाल बांधे रखने के लिए कहा था। बंधे हुए बाल रिश्तों को भी बांधकर रखते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग को छूने से माता पार्वती नाराज हो जाती हैं इसलिए महिलाओं को शिवलिंग को हाथ लगाने की मनाही होती है। मगर, ऐसा नहीं है कि महिलाएं शिवलिंग की पूजा नहीं कर सकती।

श्रवण मास के लगते ही भोले के सभी भक्त बोले का जल अभिषेक करने को आतुर हो जाते हैं। सावन के पहले सोमवार से ही भोले की महिमा का गुणगान करते हैं और उपवास- व्रत करना शुरू कर देते हैं। ये महीना हर हिन्दू के लिए बहुत खास माना जाता है। सावन मे सुहागन स्त्रियां पति की लंबी उम्र व सुखी वैवाहिक जीवन एवं कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर की मनोकामना पूर्ती के लिए व्रत रखती हैं। इस दौरान जरूरी हैं कि इसके पूर्ण नियमों का पालन किया जाए अन्यथा इस व्रत का फल नहीं मिल पाता हैं। तो आइये जानते हैं उन काम के बारे में जो सावन के महीने में महिलाओं को नहीं करने चाहिए।

सावन मे करें इन नियमो का पालन

भले ही हल्दी पूजा आदि कार्यों के लिए शुभ माना जाता हो लेकिन भगवान शिव को हल्दी लगाना अशुभ माना जाता है। पूजा में शिव भगवान को भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद फूल, शहद, फल आदि चढ़ाएं।
सिर्फ व्रत ही नहीं बल्कि घर की महिलाओं को कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। वहीं महिलाओं को अपनी वाणी पर भी कंट्रोल रखना चाहिए। इससे परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं को बाल खुले नहीं छोड़ने चाहिए। इससे परिवार में कलह-कलेश और नाकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। शास्त्रों में भी जिक्र है कि विवाह के दौरान माता सीता की मां ने उन्हें हमेशा बाल बांधे रखने के लिए कहा था। बंधे हुए बाल रिश्तों को भी बांधकर रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग को छूने से माता पार्वती नाराज हो जाती हैं इसलिए महिलाओं को शिवलिंग को हाथ लगाने की मनाही होती है। मगर, ऐसा नहीं है कि महिलाएं शिवलिंग की पूजा नहीं कर सकती।