World Asthama Day 2019: अस्थमा अटैक से बचने के लिए अपनायें ये उपाय

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World Asthama Day 2019: अस्थमा अटैक से बचने के लिए अपनायें ये उपाय

लखनऊ। अस्थमा रोग आम तौर पर एलर्जी से संबंधित बीमारी है। पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण सांस की नली में जा के उसको जाम करने लगती है जिसके सांस लेने में परेशानी होती है। जिसके कारण अस्थमा जैसे जानलेवा बीमारी का रूप ले लेती है। इसी को मद्देनजर रखते हुए हर साल मई के पहले मंगलवार को ‘वर्ल्ड अस्थमा डे’ मनाया जाता है जिसका उद्देश अस्थमा से पीड़ित लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। वहीं इस साल 2019 में ‘वर्ल्ड अस्थमा डे’ की थीम ‘एलर्जी एंड अस्थमा’ रखा गया है।

World Asthama Day 2019 Adopt These Remedies To Avoid Asthama Attack :

दरअसल, अस्थमा के लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जिसका मुख्य दोषी अगर जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदुषण को ठहराया जाए तो गलत नहीं होगा। अब आप सोचेंगे कि अस्थमा की समस्या तो ठण्ड के मौसम में ज्यादा उभरती है। लेकिन सांस के मरीजों को गर्मी के मौसम में भी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि जरा सी लापरवाही अस्थमा अटैक की वजह बन सकती है। गर्मी में सांस के मरीजों को इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

वहीं, गर्मी के मौसम में पोलेन, वेक्टोरियल, फंगस और डस्ट ऐलर्जी बढ़ने से अस्थमा के मरीजों में अटैक की संभावना बढ़ जाती है इसलिए इस मौसम में सांस के मरीजों को ज्यादातर घर के अंदर ही रहना चाहिए। साथ ही जब बाहर निकलें तो एन95 मास्क जरूर लगाकर निकलें।

इतना ही नहीं बाहर धूप से घर आने पर ठंडा पानी पी लेना या ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, बर्फ के गोले व अन्य चीजें खा लेना सांस के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। गर्मी में ठंडी चीजों की वजह से अस्थमा पेशंट को अगर नाक या गले का इंफेक्शन हो जाए तो उन्हें सांस लेने में बेहद दिक्कत आने लगती है। दिन में कई बार इन्हेलर का इस्तेमाल करना पड़ता है।

बता दें, अक्सर प्रदूषण या अन्य कारणों से व्यक्ति के गले व नाक में इंफेक्शन हो जाता है, जिस कारण वह सांस ठीक से नहीं ले पाता। ऐसी स्थिति में अस्थमा के मरीजों को सामान्य व्यक्ति के मुकाबले सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है।

घरेलू उपचार

30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें। इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से अस्थमा में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है।

अदरक मिलाकर बनी गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।

पानी में अजवाइन मिलाकर इसे उबालें और पानी से उठती भाप लें, यह घरेलू उपाय काफी फायदेमंद होता है।

5 लौंग लें और 125 मिली पानी में 5 मिनट तक उबालें। इसे छानने के बाद इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं फिर इसे मरीज को दें।

180 मिमी पानी में सहजन की पत्तियां मिलाकर करीब 5 मिनट तक उबालें। मिश्रण को ठंडा होने दें, उसमें चुटकीभर नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिलाकर नियमित इस्तेमाल करें।

लखनऊ। अस्थमा रोग आम तौर पर एलर्जी से संबंधित बीमारी है। पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण सांस की नली में जा के उसको जाम करने लगती है जिसके सांस लेने में परेशानी होती है। जिसके कारण अस्थमा जैसे जानलेवा बीमारी का रूप ले लेती है। इसी को मद्देनजर रखते हुए हर साल मई के पहले मंगलवार को 'वर्ल्ड अस्थमा डे' मनाया जाता है जिसका उद्देश अस्थमा से पीड़ित लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। वहीं इस साल 2019 में 'वर्ल्ड अस्थमा डे' की थीम 'एलर्जी एंड अस्थमा' रखा गया है। दरअसल, अस्थमा के लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जिसका मुख्य दोषी अगर जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदुषण को ठहराया जाए तो गलत नहीं होगा। अब आप सोचेंगे कि अस्थमा की समस्या तो ठण्ड के मौसम में ज्यादा उभरती है। लेकिन सांस के मरीजों को गर्मी के मौसम में भी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि जरा सी लापरवाही अस्थमा अटैक की वजह बन सकती है। गर्मी में सांस के मरीजों को इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। वहीं, गर्मी के मौसम में पोलेन, वेक्टोरियल, फंगस और डस्ट ऐलर्जी बढ़ने से अस्थमा के मरीजों में अटैक की संभावना बढ़ जाती है इसलिए इस मौसम में सांस के मरीजों को ज्यादातर घर के अंदर ही रहना चाहिए। साथ ही जब बाहर निकलें तो एन95 मास्क जरूर लगाकर निकलें। इतना ही नहीं बाहर धूप से घर आने पर ठंडा पानी पी लेना या ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, बर्फ के गोले व अन्य चीजें खा लेना सांस के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। गर्मी में ठंडी चीजों की वजह से अस्थमा पेशंट को अगर नाक या गले का इंफेक्शन हो जाए तो उन्हें सांस लेने में बेहद दिक्कत आने लगती है। दिन में कई बार इन्हेलर का इस्तेमाल करना पड़ता है। बता दें, अक्सर प्रदूषण या अन्य कारणों से व्यक्ति के गले व नाक में इंफेक्शन हो जाता है, जिस कारण वह सांस ठीक से नहीं ले पाता। ऐसी स्थिति में अस्थमा के मरीजों को सामान्य व्यक्ति के मुकाबले सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है। घरेलू उपचार 30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें। इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से अस्थमा में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक मिलाकर बनी गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है। पानी में अजवाइन मिलाकर इसे उबालें और पानी से उठती भाप लें, यह घरेलू उपाय काफी फायदेमंद होता है। 5 लौंग लें और 125 मिली पानी में 5 मिनट तक उबालें। इसे छानने के बाद इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं फिर इसे मरीज को दें। 180 मिमी पानी में सहजन की पत्तियां मिलाकर करीब 5 मिनट तक उबालें। मिश्रण को ठंडा होने दें, उसमें चुटकीभर नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिलाकर नियमित इस्तेमाल करें।