कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान पर वर्ल्ड बैंक ने ठोंका 6 अरब डॉलर का जुर्माना

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कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान पर वर्ल्ड बैंक ने ठोंका 6 अरब डॉलर का जुर्माना

नई दिल्ली। कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने तेज झटका दिया है। वर्ल्ड बैंक से संबंधित न्यायाधिकरण इंटरनेशनल सेंटर फॉर सेटलमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट डिस्प्यूट्स (ICSID) ने बलूचिस्तान स्थित रेको डिक खदान सौदे को रद्द करने पर पाकिस्तान पर पांच अरब 97 करोड़ डॉलर का जुर्माना ठोका है, जिसमें 4.08 अरब डॉलर हर्जाना और 1.87 अरब डॉलर ब्याज शामिल है।

World Bank Tribunal Fined Pakistan By 6 Billion Dollar :

यह हर्जाना पाकिस्तान को टेथयान कॉपर कंपनी (टीसीसी) को चुकाना होगा। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रपटों में यह जानकारी दी गई है। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह जबर्दस्त झटका है और प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह जानने के लिए आयोग का गठन किया है कि इस मामले में नौबत यहां तक क्यों पहुंची। पाकिस्तान सरकार ने यह भी साफ किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ आईसीएसआईडी समेत अन्य संबंधित न्यायिक मंचों पर अपील करने पर विचार कर रही है।

ICSID के इतिहास का सबसे ज्यादा जुर्माना

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे के करार में गड़बड़ी बताकर इसे रद्द किए जाने के बाद टेथयान कॉपर कंपनी (टीसीसी) ने साल 2012 में वर्ल्ड बैंक के आईसीएसआईडी के सामने 11.43 अरब डॉलर का दावा पाकिस्तान के खिलाफ दायर किया था। 2017 में आईसीएसआईडी टीसीसी के पक्ष को सही करार दिया था लेकिन हर्जाने की राशि नहीं तय की थी। न्यायाधिकरण ने बीते शुक्रवार यानी 12 जुलाई को हर्जाने की राशि तय करते हुए अपना फैसला सात सौ पेज में दिया। पाकिस्तान पर लगाया गया यह जुर्माना, आईसीएसआईडी के इतिहास में इसके द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा अर्थदंड में से एक है।

पाकिस्तान ने रद्द की डील

टीसीसी ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेको डिक में बहुत बड़े पैमाने पर सोने और तांबे की खानों का पता लगाया था। कंपनी का कहना है कि वह इस इलाके में करीब 22 करोड़ डॉलर खर्च कर चुकी थी, लेकिन अचानक 2011 में पाकिस्तान सरकार ने उसके खनन के लिए पट्टे को देने से मना कर दिया और इसके खिलाफ उसकी अपील सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश इफ्तेखार चौधरी ने सौदे में अनियमितता बताते हुए रद्द कर दी थी।

नई दिल्ली। कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने तेज झटका दिया है। वर्ल्ड बैंक से संबंधित न्यायाधिकरण इंटरनेशनल सेंटर फॉर सेटलमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट डिस्प्यूट्स (ICSID) ने बलूचिस्तान स्थित रेको डिक खदान सौदे को रद्द करने पर पाकिस्तान पर पांच अरब 97 करोड़ डॉलर का जुर्माना ठोका है, जिसमें 4.08 अरब डॉलर हर्जाना और 1.87 अरब डॉलर ब्याज शामिल है। यह हर्जाना पाकिस्तान को टेथयान कॉपर कंपनी (टीसीसी) को चुकाना होगा। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रपटों में यह जानकारी दी गई है। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह जबर्दस्त झटका है और प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह जानने के लिए आयोग का गठन किया है कि इस मामले में नौबत यहां तक क्यों पहुंची। पाकिस्तान सरकार ने यह भी साफ किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ आईसीएसआईडी समेत अन्य संबंधित न्यायिक मंचों पर अपील करने पर विचार कर रही है। ICSID के इतिहास का सबसे ज्यादा जुर्माना पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे के करार में गड़बड़ी बताकर इसे रद्द किए जाने के बाद टेथयान कॉपर कंपनी (टीसीसी) ने साल 2012 में वर्ल्ड बैंक के आईसीएसआईडी के सामने 11.43 अरब डॉलर का दावा पाकिस्तान के खिलाफ दायर किया था। 2017 में आईसीएसआईडी टीसीसी के पक्ष को सही करार दिया था लेकिन हर्जाने की राशि नहीं तय की थी। न्यायाधिकरण ने बीते शुक्रवार यानी 12 जुलाई को हर्जाने की राशि तय करते हुए अपना फैसला सात सौ पेज में दिया। पाकिस्तान पर लगाया गया यह जुर्माना, आईसीएसआईडी के इतिहास में इसके द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा अर्थदंड में से एक है। पाकिस्तान ने रद्द की डील टीसीसी ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेको डिक में बहुत बड़े पैमाने पर सोने और तांबे की खानों का पता लगाया था। कंपनी का कहना है कि वह इस इलाके में करीब 22 करोड़ डॉलर खर्च कर चुकी थी, लेकिन अचानक 2011 में पाकिस्तान सरकार ने उसके खनन के लिए पट्टे को देने से मना कर दिया और इसके खिलाफ उसकी अपील सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश इफ्तेखार चौधरी ने सौदे में अनियमितता बताते हुए रद्द कर दी थी।