सचिन ने कहा बाउंड्रीज से विश्व विजेता का फैसला सही नहीं, जानिए उन्होंने क्या सुझाया

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मुंबई।मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आईसीसी विश्व कप के फाइनल के नतीजे के आधार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिर्फ सवाल ही नहीं उठाए बल्कि इसके उचित तरीके के बारे में भी सुझाया। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच बीते रविवार को खेला गया फाइनल मैच में मैच टाई रहा था। इसके बाद सुपर ओवर किया गया था लेकिन यहां भी मैच टाई रहा और विजेता का फैसला इस आधार पर निकला कि किस टीम ने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं।

World Cup Winners Decision Should Have Been In The Second Super Over Sachin Tendulkar :

100 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 100एमबी से कहा मुझे लगता है कि विजेता का फैसला इस आधार पर नहीं होना चाहिए था कि दोनों टीमों में से किसने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं। इसके बजाए चैंपियन का फैसला एक और सुपर ओवर कराकर किया जाना चाहिए था।

सिर्फ विश्व कप का फाइनल नहीं हर मैच अहम होता है जैसा की फुटबॉल में जब मैच अतिरिक्त समय में जाता है तो कुछ और मायने नहीं रखता। भारतीय उप कप्तान रोहित शर्मा ने भी बाउंड्रीज के आधार पर जीत दिए जाने के नियम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि नियम बदलने का वक्त आ गया है। सेमीफाइनल में हार कर बाहर हो जाने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि विश्व कप में इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल की तर्ज पर नॉकआउट किए जाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

इससे शीर्ष 2 टीमों को हार के बाद एक और मौका मिलता है। सचिन तेंदुलकर ने कोहली की बात में भी हामी भरी है। उन्होंने कहा कि जिन टीमों ने लीग दौरा का अंत टॉप 2 में रहते हुए किया उन्हें निश्चित तौर पर मौका मिलना चाहिए। सचिन ने कहा मुझे लगता है कि टॉप.2 में रहते हुए लीग दौर का अंत करने वाली टीमों को टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का फायदा मिलना चाहिए।

सचिन तेंदुलकर ने साथ ही महेंद्र सिंह धोनी के सेमीफाइनल मैच में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने की बात को दोहराया है। पूर्व कप्तान ने कहा मैं धोनी को उनके नियमित स्थान नंबर 5 पर भेजता। भारत जिस तरह की स्थिति में था और जिस तरह का अनुभव उनके पास है उसके साथ उन्हें पारी बनाने के लिए समय चाहिए। हार्दिक पांड्या नंबर 6 पर बल्लेबाजी कर सकते थे और दिनेश कार्तिक नंबर .7 पर।

मुंबई।मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आईसीसी विश्व कप के फाइनल के नतीजे के आधार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिर्फ सवाल ही नहीं उठाए बल्कि इसके उचित तरीके के बारे में भी सुझाया। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच बीते रविवार को खेला गया फाइनल मैच में मैच टाई रहा था। इसके बाद सुपर ओवर किया गया था लेकिन यहां भी मैच टाई रहा और विजेता का फैसला इस आधार पर निकला कि किस टीम ने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं। 100 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 100एमबी से कहा मुझे लगता है कि विजेता का फैसला इस आधार पर नहीं होना चाहिए था कि दोनों टीमों में से किसने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं। इसके बजाए चैंपियन का फैसला एक और सुपर ओवर कराकर किया जाना चाहिए था। सिर्फ विश्व कप का फाइनल नहीं हर मैच अहम होता है जैसा की फुटबॉल में जब मैच अतिरिक्त समय में जाता है तो कुछ और मायने नहीं रखता। भारतीय उप कप्तान रोहित शर्मा ने भी बाउंड्रीज के आधार पर जीत दिए जाने के नियम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि नियम बदलने का वक्त आ गया है। सेमीफाइनल में हार कर बाहर हो जाने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि विश्व कप में इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल की तर्ज पर नॉकआउट किए जाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इससे शीर्ष 2 टीमों को हार के बाद एक और मौका मिलता है। सचिन तेंदुलकर ने कोहली की बात में भी हामी भरी है। उन्होंने कहा कि जिन टीमों ने लीग दौरा का अंत टॉप 2 में रहते हुए किया उन्हें निश्चित तौर पर मौका मिलना चाहिए। सचिन ने कहा मुझे लगता है कि टॉप.2 में रहते हुए लीग दौर का अंत करने वाली टीमों को टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का फायदा मिलना चाहिए। सचिन तेंदुलकर ने साथ ही महेंद्र सिंह धोनी के सेमीफाइनल मैच में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने की बात को दोहराया है। पूर्व कप्तान ने कहा मैं धोनी को उनके नियमित स्थान नंबर 5 पर भेजता। भारत जिस तरह की स्थिति में था और जिस तरह का अनुभव उनके पास है उसके साथ उन्हें पारी बनाने के लिए समय चाहिए। हार्दिक पांड्या नंबर 6 पर बल्लेबाजी कर सकते थे और दिनेश कार्तिक नंबर .7 पर।