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World No Tobacco Day: दुनिया में 80 लाख लोगों की हर साल तंबाकू की वजह से होती है मौत

World No Tobacco Day 8 Million People Die Due To Tobacco Every Year In The World

By रवि तिवारी 
Updated Date

कोरोना (Corona) संक्रमण से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से विश्वभर में लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने की सलाह दी जा रही है. वहीं दूसरी ओर देश (India) में करोड़ो लोग हैं जो हर दिन किसी न किसी रूप में तंबाकू (Tabacco) का सेवन करते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू का उपयोग करने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा सामान्य व्यक्तियों के मुकाबले करीब 50 फीसदी अधिक होता है. तम्बाकू के उपयोग से व्यक्ति का श्वसन तंत्र और फेफड़ें कमजोर पड़ जाते हैं और कोरोना वायरस का पहला अटैक मानव शरीर में इन्हीं अंगों पर होता है. प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है.

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भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एवं अनुसंधान केन्द्र के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ दिनेश सिंह ने बताया कि तंबाकू का उपयोग फेफड़े, मुंह व गले, आहार नलिका, यकृत, पेट, पैनक्रियाज, ऑतों और गर्भाशय ग्रीवा सहित कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है. तम्बाकू उत्पादों में कई रसायन होते हैं जो डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर होता है. करीब 40 फीसदी कैंसर और करीब 30 फीसदी दिल के दौरे तंबाकू की वजह से होते हैं.
जो लोग धुएं रहित तंबाकू (चबाने वाले तंबाकू, गुटका) का उपयोग करते हैं उनमें मुंह के कैंसर (जीभ, गाल, जबड़े की हड्डी) का खतरा सबसे अधिक होता है. इसके लक्षणों में मुंह का कम खुलना, बार-बार छालें होना, आवाज में बदलाव, लगातार खांसी और वजन का कम होना शामिल है. अधिकांश लोग 11-16 साल की आयु के बीच तम्बाकू की आदतें शुरू करते हैं. पेसिव स्मोकिंग से भी हमारे शरीर में कैंसर रोग की संभावना बढ़ जाती है. यदि परिवार में एक व्यक्ति धुम्रपान करता है तो उसका धुआं अन्य परिवारजनों को भी नुकसान पहुंचाता है.
देशभर में हर रोज 3500 लोग अकालमृत्यु के शिकार

वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ नरेश लेडवानी ने बताया कि कैंसर का प्रमुख कारण माने जाने वाले तंबाकू से हर रोज देश में 3500 लोगों की मौत हो रही है. वहीं विश्वभर में हर साल तंबाकू की वजह से 80 लाख लोगों की जान जाती है. भारत में हर वर्ष 13 लाख और राजस्थान में 77 हजार लोग तंबाकू के कारण अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू उपयोग करने वाला हर दूसरा व्यक्ति अकाल मौत का शिकार होता है. यह मौत तंबाकू में मौजूद होने वाले 4000 हजार से ज्यादा कैमिकल्स के शरीर के विभिन्न अंगो पर डालने वाले नकारात्मक प्रभावों की वजह से होती है. ये हैं आंकड़े-

80 लाख लोग विश्वभर में प्रतिवर्ष तंबाकू की वजह से अकालमृत्यु का हो रहे हैं शिकार
13 लाख लोग देशभर में प्रतिवर्ष तंबाकू की वजह से अकालमृत्यु का हो रहे हैं शिकार
77 हजार लोग राजस्थान में प्रतिवर्ष तंबाकू के उपयोग से अकालमृत्यु का हो रहे हैं शिकार
3500 लोग तंबाकू से होने वाले कैंसर की वजह से प्रतिदिन अकालमृत्यु का हो रहे हैं शिकार
4000 हजार से ज्यादा कैमिकल्स मौजूद होते हैं तंबाकू और उससे बने उत्पादों में

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