World Population Day 2019: जाने क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस…

World Population Day 2019: जाने क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस...
World Population Day 2019: जाने क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस...

नई दिल्ली। हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाया जाता है। दुनियाभर के लोगों को बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरुक करने के अलावा परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है। इस दिन तमाम कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिनमें जनसंख्या वृद्धि की वजह से होने वाली समस्याओं और खतरों के प्रति जागरूक किया जाता है।

World Population Day 2019 Know These Things Related To Population :

कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

1989 से विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत की गई। इस दिन की शुरुआत, संयुक्त राष्ट्र संघ के विकास कार्यक्रम के तहत हुई और इसके बाद सारे देशों में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा। इस दिन लोगों को बताया जाता है कि तेजी से जनसंख्या की वृद्धि कई वजहों से समाज और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

बता दें कि गैरकानूनी होने के बाद भी कुछ पिछड़े इलाकों में आज भी बाल विवाह की परंपरा है। ऐसे में कम उम्र में ही महिलाएं मां बन जाती हैं। जो कि बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। रूढ़िवादी समाज में आज भी लड़के की चाह में पुरुष, परिवार नियोजन अपनाने को तैयार नहीं होते।

जनसंख्या बढ्ने से होती हैं ये समस्याएं

  • जनसंख्या बढ़ने की कई वजहों में गरीबी और अशिक्षा भी है।
  • अशिक्षा की वजह से लोग परिवार नियोजन के महत्व को नहीं समझते और मातृत्व स्वास्थ्य एवं लैंगिक समानता के महत्व को कमतर आंकते हैं।
  • जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ती है। हालांकि इसे शिक्षा के स्तर बढ़ने और लोगों में जागरुकता अभियान के प्रचार और प्रसार से जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सकता है।
नई दिल्ली। हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाया जाता है। दुनियाभर के लोगों को बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरुक करने के अलावा परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है। इस दिन तमाम कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिनमें जनसंख्या वृद्धि की वजह से होने वाली समस्याओं और खतरों के प्रति जागरूक किया जाता है। कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत 1989 से विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत की गई। इस दिन की शुरुआत, संयुक्त राष्ट्र संघ के विकास कार्यक्रम के तहत हुई और इसके बाद सारे देशों में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा। इस दिन लोगों को बताया जाता है कि तेजी से जनसंख्या की वृद्धि कई वजहों से समाज और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बता दें कि गैरकानूनी होने के बाद भी कुछ पिछड़े इलाकों में आज भी बाल विवाह की परंपरा है। ऐसे में कम उम्र में ही महिलाएं मां बन जाती हैं। जो कि बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। रूढ़िवादी समाज में आज भी लड़के की चाह में पुरुष, परिवार नियोजन अपनाने को तैयार नहीं होते। जनसंख्या बढ्ने से होती हैं ये समस्याएं
  • जनसंख्या बढ़ने की कई वजहों में गरीबी और अशिक्षा भी है।
  • अशिक्षा की वजह से लोग परिवार नियोजन के महत्व को नहीं समझते और मातृत्व स्वास्थ्य एवं लैंगिक समानता के महत्व को कमतर आंकते हैं।
  • जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ती है। हालांकि इसे शिक्षा के स्तर बढ़ने और लोगों में जागरुकता अभियान के प्रचार और प्रसार से जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सकता है।