यह है दुनिया का सबसे छोटा बच्चा, साइज़ जान आप भी रह जाएंगे दंग

यह है दुनिया का सबसे छोटा बच्चा, साइज़ जान आप भी रह जाएंगे दंग
यह है दुनिया का सबसे छोटा बच्चा, साइज़ जान आप भी रह जाएंगे दंग

World Smallest Child Born In Japan :

वैसे तो आपने कई अनोखे बच्चे देखें होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे बच्चे के बारे में बताएंगे जिसे सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल जापान की राजधानी टोक्यो में बच्चे ने जन्म लिया है जोकि इस  दुनिया का सबसे छोटा बच्चा है। बताया जा रहा है कि इस बच्चे का साइज एक बड़े आलू के बराबर है, जो किसी भी इंसान की हथेली में समा सकता है।

टोक्यो की कीयो यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जन्मे इस बच्चे का वजन पैदा होने के तुरंत बाद महज 268 ग्राम था। दरअसल इस बच्चे का जन्म प्रीमैच्योर बेबी के रूप में मात्र 24 हफ्तों में हो गया।

जाने पूरी कहानी

बताया जा रहा है कि गर्भावस्था के दौरान बच्चे की ग्रोथ होनी बंद हो गई थी। जिसके बाद डॉक्टरों ने सलाह दी कि ग्रोथ न होने से बच्चे की जान को खतरा था, जिसको देखते हुए बच्चे को समय से पहले ही ऑपरेशन के जरिए उसका जन्म कराया गया।

प्रीमैच्योर बेबी होने की वजह से डॉक्टरों ने बच्चे की ब्रीदिंग और न्यूट्रीशन का खास ध्यान रखते हुए बच्चे को 5 महीनों तक हॉस्पिटल की इंटेंसिव केयर नर्सरी में रखकर इलाज किया।

बच्चे के इलाज के बाद जब उसका वजन 3.32 किलोग्राम हो गया तब बच्चे को डिस्चार्ज किया गया। हालांकि खुशी की बात यह है कि बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। कहा जाता है न कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’

बन गया यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा का टाइनिएस्ट बेबी

इस साल जापान में 268 ग्राम वजन के साथ जन्म लेने वाले इस बच्चे के नाम दुनिया के सबसे छोटे बच्चे का खिताब हो गया है।

वैसे तो आपने कई अनोखे बच्चे देखें होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे बच्चे के बारे में बताएंगे जिसे सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल जापान की राजधानी टोक्यो में बच्चे ने जन्म लिया है जोकि इस  दुनिया का सबसे छोटा बच्चा है। बताया जा रहा है कि इस बच्चे का साइज एक बड़े आलू के बराबर है, जो किसी भी इंसान की हथेली में समा सकता है।

टोक्यो की कीयो यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जन्मे इस बच्चे का वजन पैदा होने के तुरंत बाद महज 268 ग्राम था। दरअसल इस बच्चे का जन्म प्रीमैच्योर बेबी के रूप में मात्र 24 हफ्तों में हो गया।

जाने पूरी कहानी

बताया जा रहा है कि गर्भावस्था के दौरान बच्चे की ग्रोथ होनी बंद हो गई थी। जिसके बाद डॉक्टरों ने सलाह दी कि ग्रोथ न होने से बच्चे की जान को खतरा था, जिसको देखते हुए बच्चे को समय से पहले ही ऑपरेशन के जरिए उसका जन्म कराया गया।

प्रीमैच्योर बेबी होने की वजह से डॉक्टरों ने बच्चे की ब्रीदिंग और न्यूट्रीशन का खास ध्यान रखते हुए बच्चे को 5 महीनों तक हॉस्पिटल की इंटेंसिव केयर नर्सरी में रखकर इलाज किया।

बच्चे के इलाज के बाद जब उसका वजन 3.32 किलोग्राम हो गया तब बच्चे को डिस्चार्ज किया गया। हालांकि खुशी की बात यह है कि बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। कहा जाता है न कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’

बन गया यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा का टाइनिएस्ट बेबी

इस साल जापान में 268 ग्राम वजन के साथ जन्म लेने वाले इस बच्चे के नाम दुनिया के सबसे छोटे बच्चे का खिताब हो गया है।