वर्ल्ड टीबी डे 2018: जानिए बिमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में

वर्ल्ड टीबी डे 2018
वर्ल्ड टीबी डे 2018: जानिए बिमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में

लखनऊ। ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) एक खतरनाक और संक्रामक बीमारी है। टीबी को तपेदिक, क्षयरोग, एमटीबी के नाम से भी जाना जाता है। लोगों की जागरूकता के लिए हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम कीटाणु की वजह से होती है यह कीटाणु हवा के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंचते हैं। वैसे तो टीबी का इलाज संभव है लेकिन ठीक समय पर इलाज न करने पर यह रोग जानलेवा हो सकता है। टीबी आम तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है लेकिन यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है।

World Tb Day Know About The Symptoms And Treatment Of Tb :

टीबी के प्रकार

  • सरवाइकल टीबी
  • हड्डियों की टीबी
  • मेनिनजाइटिस टीबी
  • इन्टेस्टाइन टीबी
  • जेनेटिक टीबी

ये हैं टीबी के लक्षण

  • तीन सप्ताह या उससे ज्यादा दिन तक खांसी
  • कई लोगों में शरीर में गांठे भी देखने को मिलती हैं
  • सांस लेने में परेशानी और छाती में दर्द महसूस होना
  • बुखार आना
  • शरीर में कमजोरी, वजन गिरना या थकान महसूस होना
  • खांसी के साथ बलगम का आना
  • बुखार आना व ठंड लगना
  • रात में पसीना आना

टीबी के मुख्य कारण

  • स्मोकिंग
  • अल्कोहल
  • खराब खानपान
  • एक्सरसाइज नहीं करना
  • स्वच्छता का अभाव
  • पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में रहना

कैसे करें बचाव

  • टीबी से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत करें।
  • प्रोटीन डायट जैसे सोयाबीन, दालें, मछली, अंडा, पनीर आदि का सेवन करें।
  • भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
  • कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर नहीं रहना चाहिए।
  • टीबी के मरीज से कम-से-कम एक मीटर की दूरी बनाकर रहना चाहिए।
  • ऐसे मरीज को मास्क पहनाकर रखना चाहिए।
  • टीबी के मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंदकर डस्टबिन में डाल दें।
लखनऊ। ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) एक खतरनाक और संक्रामक बीमारी है। टीबी को तपेदिक, क्षयरोग, एमटीबी के नाम से भी जाना जाता है। लोगों की जागरूकता के लिए हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम कीटाणु की वजह से होती है यह कीटाणु हवा के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंचते हैं। वैसे तो टीबी का इलाज संभव है लेकिन ठीक समय पर इलाज न करने पर यह रोग जानलेवा हो सकता है। टीबी आम तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है लेकिन यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है।टीबी के प्रकार
  • सरवाइकल टीबी
  • हड्डियों की टीबी
  • मेनिनजाइटिस टीबी
  • इन्टेस्टाइन टीबी
  • जेनेटिक टीबी
ये हैं टीबी के लक्षण
  • तीन सप्ताह या उससे ज्यादा दिन तक खांसी
  • कई लोगों में शरीर में गांठे भी देखने को मिलती हैं
  • सांस लेने में परेशानी और छाती में दर्द महसूस होना
  • बुखार आना
  • शरीर में कमजोरी, वजन गिरना या थकान महसूस होना
  • खांसी के साथ बलगम का आना
  • बुखार आना व ठंड लगना
  • रात में पसीना आना
टीबी के मुख्य कारण
  • स्मोकिंग
  • अल्कोहल
  • खराब खानपान
  • एक्सरसाइज नहीं करना
  • स्वच्छता का अभाव
  • पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में रहना
कैसे करें बचाव
  • टीबी से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत करें।
  • प्रोटीन डायट जैसे सोयाबीन, दालें, मछली, अंडा, पनीर आदि का सेवन करें।
  • भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
  • कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर नहीं रहना चाहिए।
  • टीबी के मरीज से कम-से-कम एक मीटर की दूरी बनाकर रहना चाहिए।
  • ऐसे मरीज को मास्क पहनाकर रखना चाहिए।
  • टीबी के मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंदकर डस्टबिन में डाल दें।