अमेरिका और रूस के डॉक्टर जो न कर पाए वो भारतीय डॉक्टरों ने कर दिखाया

नई दिल्ली| जो काम अमेरिका, फ्रांस और रूस के डॉक्टर न कर पाए उसे भारतीय डॉक्टरों ने संभव कर दिखाया| इलाज के भारत आई दुनिया की सबसे भारी महिला ईमान अहमद का डॉक्टरों ने केवल 12 दिनों में 50 किलो वजन कम करने में कामयाबी हासिल की है| पहले जहां ईमान अपना शरीर हिलाने-डुलाने में भी असमर्थ थी वहीँ अब वह आसानी से अपना हाथ हिला रही है| उधर, डॉक्टर भी अपनी इस कामयाबी से खुश हैं| डॉक्टरों का कहना है उनका मकसद साल 2017 के भीतर सैफी का वजन 200 किलो तक करना है|




बता दें कि मिस्र की रहने वाली इमान का इलाज मुंबई के सैफी अस्पताल में चल रहा है| जब वह भारत आई थी तो उसका वजन 500 किलो था| सैफी अस्पताल में हेड ऑफ एडवांस फिजियोथेरेपी डॉ. स्वाति संघवी ने बताया, “हम चाहते हैं कि वह मास मूवमेंट करे| पहले उन्होंने अपना हाथ उठाया, फिर बांह उठाई| उसके बाद उन्होंने अपनी मुट्ठी बंद की और किसी चीज को पकड़ा| अब वह किसी चीज के सहारा अपने आपको उठा भी सकती हैं|” उन्होंने बताया कि हमारा मकसद है कि साल 2017 के भीतर उनका वजन 200 किलो तक आ जाए|

मालवाहक विमान से लाया गया था भारत

दुनिया की सबसे ज्यादा वजन वाली मिस्र निवासी ईमान अहमद को भारी वजन और सामान्य यात्री विमानों के छोटे दरवाजों के कारण मालवाहक विमान से भारत लाया गया| हालांकि इसके बावजूद विमान में काफी बदलाव करने पड़े|





स्पेशल बेड बनाने में खर्च हुए 2 करोड़

विमान से उतारने के बाद 500 किलो वजनी इमान को कार्गो लिफ्ट एंबुलेंस के जरिए मुंबई के चरनी रोड स्थित सैफी अस्पताल पहुंचाया गया| अपने मोटापे की वजह से चलने-फिरने में लाचार हो चुकी ईमान के लिए यहां स्पेशल ‘वन बेड हॉस्पिटल’ तैयार किया गया है| इस वन बेड हॉस्पिटल को बनाने में तकरीबन 2 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं|

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