विश्व के सबसे बड़े विमान ने भरी पहली उड़ान

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विश्व के सबसे बड़े विमान ने भरी पहली उड़ान

नई दिल्ली। विश्व के सबसे बड़े विमान स्ट्रैटोलांच ने शनिवार को कैलिफोर्निया में पहली बार उड़ान भरी। इसका परीक्षण करीब ढाई घंटे तक मोजावे रेगिस्तान के ऊपर किया गया। इसमें छह बोइंग 747 इंजन लगे हैं। विमान इतना बड़ा है कि इसके पंख का फैलाव एक फुटबॉल मैदान से भी ज्यादा है। इसे स्केल्ड कम्पोजिट्स इंजीनियरिंग कंपनी ने तैयार किया है।

Worlds Largest Plane Makes Its First Take Off :

दरअसल, यह विमान रॉकेट और उपग्रहों को अंतरिक्ष में उनकी कक्षा तक पहुंचाने में मदद करेगा। मौजूदा समय में टेकऑफ रॉकेट की मदद से उपग्रहों को कक्षा में भेजा जाता है। अगर यह योजना सफल रही तो उपग्रहों को कक्षा तक पहुंचाने के लिए विमान बेहतर विकल्प होगा और उपग्रह छोड़ने का खर्च भी कम हो जाएगा।

विमान की खासियत

बता दें, इस विशाल विमान में दो एयरक्राफ्ट बॉडी मौजूद है, जो आपस में जुड़ी हैं। इसमें छह इंजन लगाए गए हैं। पंखो की लंबाई करीब 385 फीट है। विमान पहली उड़ान में 17 हजार फीट की ऊंचाई तक गया। इस दौरान इसकी गति 170 मील प्रति घंटा रही। इसे सैटेलाइट के लांच पैड के रूप में तैयार किया गया है।

largest wing

विशाल विंग्स की खासियत

साथ ही बोइंग कंपनी ने फोल्डिंग विंग्स वाला पहला कमर्शियल प्लेन तैयार किया है। पिछले दिनों उसके 777-9X जेटलाइनर के फोल्डिंग विंग्स की पहली झलक सामने आई थी। इसके विंग्स का फैलाव 235 फीट और 5 इंच होगा। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा ट्विन इंजन जेटलाइनर होगा। बोइंग कंपनी के 102 साल के इतिहास में किसी एयरक्राफ्ट के विंग्स इतने बड़े नहीं हैं। इसका ट्रायल अगले साल से शुरू होगा।

नई दिल्ली। विश्व के सबसे बड़े विमान स्ट्रैटोलांच ने शनिवार को कैलिफोर्निया में पहली बार उड़ान भरी। इसका परीक्षण करीब ढाई घंटे तक मोजावे रेगिस्तान के ऊपर किया गया। इसमें छह बोइंग 747 इंजन लगे हैं। विमान इतना बड़ा है कि इसके पंख का फैलाव एक फुटबॉल मैदान से भी ज्यादा है। इसे स्केल्ड कम्पोजिट्स इंजीनियरिंग कंपनी ने तैयार किया है।

दरअसल, यह विमान रॉकेट और उपग्रहों को अंतरिक्ष में उनकी कक्षा तक पहुंचाने में मदद करेगा। मौजूदा समय में टेकऑफ रॉकेट की मदद से उपग्रहों को कक्षा में भेजा जाता है। अगर यह योजना सफल रही तो उपग्रहों को कक्षा तक पहुंचाने के लिए विमान बेहतर विकल्प होगा और उपग्रह छोड़ने का खर्च भी कम हो जाएगा।

विमान की खासियत

बता दें, इस विशाल विमान में दो एयरक्राफ्ट बॉडी मौजूद है, जो आपस में जुड़ी हैं। इसमें छह इंजन लगाए गए हैं। पंखो की लंबाई करीब 385 फीट है। विमान पहली उड़ान में 17 हजार फीट की ऊंचाई तक गया। इस दौरान इसकी गति 170 मील प्रति घंटा रही। इसे सैटेलाइट के लांच पैड के रूप में तैयार किया गया है।

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विशाल विंग्स की खासियत

साथ ही बोइंग कंपनी ने फोल्डिंग विंग्स वाला पहला कमर्शियल प्लेन तैयार किया है। पिछले दिनों उसके 777-9X जेटलाइनर के फोल्डिंग विंग्स की पहली झलक सामने आई थी। इसके विंग्स का फैलाव 235 फीट और 5 इंच होगा। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा ट्विन इंजन जेटलाइनर होगा। बोइंग कंपनी के 102 साल के इतिहास में किसी एयरक्राफ्ट के विंग्स इतने बड़े नहीं हैं। इसका ट्रायल अगले साल से शुरू होगा।