6 परमाणु हथियारों से लैस ‘बेलगोरोड’ बनी दुनिया की सबसे लंबी पनडुब्बी

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6 परमाणु हथियारों से लैस 'बेलगोरोड' बना दुनिया का सबसे लंबी पनडुब्बी

नई दिल्ली। विश्व की सुपरपावर देशों में शुमार रूस ने अपनी सैन्य ताकत में इजाफा किया है। उसने दुनिया की सबसे लंबी पनडुब्बी बेलगोरोड को अपने नौसेना बेड़े में शामिल किया है। 604 फीट लंबी बेलगोरोड की क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 6 परमाणु हथियारों से लैस टॉरपीडो लगाए गए हैं। दावा है कि यह टॉरपीडो दो मेटाटन विस्फोटक अपने साथ ले जाने में सक्षम है। दो मेटाटन विस्फोटक की क्षमता जापान के हिरोशिमा में फटे बम से 130 गुना ज्यादा होती है। ये पनडुब्बी अपने एक वार से ही पूरे शहर को तबाह कर सकती है।

Worlds Longest Submarine Belgorod Equipped With 6 Nuclear Weapons :

दरअसल, इस पनडुब्बी में लगे 79 फीट लंबे टॉरपीडो पोसेइडोन या कैनयोन अगर समुद्र के अंदर इस्तेमाल होंगे तो रेडियोएक्टिव सुनामी आ सकती है। यही रेडियोएक्टिव सुनामी कई तटीय शहरों में तबाही ला सकती है और और समुद्र में 300 फीट तक ऊंची लहरें भी उठ सकती हैं।

बता दें, बेलगोरोड पनडुब्बी की रफ्तार 80 मील प्रति घंटा है। इसके कमांडर सीधे राष्ट्रपति पुतिन को रिपोर्ट करेंगे। यह अंडरवाटर इंटेलिजेंस एजेंसी की तरह रूस के लिए काम करेगी और इसके साथ चलने वाले अंडरवाटर यान गहराई में समुद्र के तल की मैपिंग कर सकेंगे। रूस की इस बेलगोरोड पनडुब्बी के सैन्य परीक्षण अगले साल शुरू होंगे। इसकी तैनाती 2021 में होगी।

नई दिल्ली। विश्व की सुपरपावर देशों में शुमार रूस ने अपनी सैन्य ताकत में इजाफा किया है। उसने दुनिया की सबसे लंबी पनडुब्बी बेलगोरोड को अपने नौसेना बेड़े में शामिल किया है। 604 फीट लंबी बेलगोरोड की क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 6 परमाणु हथियारों से लैस टॉरपीडो लगाए गए हैं। दावा है कि यह टॉरपीडो दो मेटाटन विस्फोटक अपने साथ ले जाने में सक्षम है। दो मेटाटन विस्फोटक की क्षमता जापान के हिरोशिमा में फटे बम से 130 गुना ज्यादा होती है। ये पनडुब्बी अपने एक वार से ही पूरे शहर को तबाह कर सकती है। दरअसल, इस पनडुब्बी में लगे 79 फीट लंबे टॉरपीडो पोसेइडोन या कैनयोन अगर समुद्र के अंदर इस्तेमाल होंगे तो रेडियोएक्टिव सुनामी आ सकती है। यही रेडियोएक्टिव सुनामी कई तटीय शहरों में तबाही ला सकती है और और समुद्र में 300 फीट तक ऊंची लहरें भी उठ सकती हैं। बता दें, बेलगोरोड पनडुब्बी की रफ्तार 80 मील प्रति घंटा है। इसके कमांडर सीधे राष्ट्रपति पुतिन को रिपोर्ट करेंगे। यह अंडरवाटर इंटेलिजेंस एजेंसी की तरह रूस के लिए काम करेगी और इसके साथ चलने वाले अंडरवाटर यान गहराई में समुद्र के तल की मैपिंग कर सकेंगे। रूस की इस बेलगोरोड पनडुब्बी के सैन्य परीक्षण अगले साल शुरू होंगे। इसकी तैनाती 2021 में होगी।