ये हैं दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला, कहानी ऐसी कि चौंक जाएंगे आप

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ये है दुनिया की सबसे उम्रदराज़ महिला, जिंदगी की कहानी सुन रह जाएंगे हैरान
मास्को। अगले साल वो अपना 129वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं हालांकि वो बहुत खुश नहीं हैं अपनी जिंदगी से लेकिन शायद भगवान उनके घर का रास्ता ही भूल गए हैं। आपको बता दें कि आज हम आपको दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी उम्र 128 साल बताई जा रही है। महिला की उम्र के बारे में सुनकर आपको हैरानी तो हुई ही होगी लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी आपको इसकी जिंदगी की…

मास्को। अगले साल वो अपना 129वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं हालांकि वो बहुत खुश नहीं हैं अपनी जिंदगी से लेकिन शायद भगवान उनके घर का रास्ता ही भूल गए हैं। आपको बता दें कि आज हम आपको दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी उम्र 128 साल बताई जा रही है। महिला की उम्र के बारे में सुनकर आपको हैरानी तो हुई ही होगी लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी आपको इसकी जिंदगी की कहानी सुनकर होगी।

रूस के चेचेन्या में रहने वाली कोकू इस्तामबुलोवा का कहना है कि वह दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला है। दावा है कि यह महिला 128 साल की है और अब जल्द ही अपना 129वां जन्मदिन मनाने वाली है। कोकू अपने जीवन के बारे में बटाते हुए कहती हैं कि, मेरी जिंदगी में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब मैं खुश रही हूं फिर भी पता नहीं कैसे मैं इतने सालों से जीवित हूं। उन्होने कहा वह शाकाहारी हैं वह खाना कम खाती हैं और दूध ज्यादा पीती हैं।

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रूस सरकार ने भी की उम्र की पुष्टि

कोकू के उम्र की पुष्टि खुद रूस सरकार ने की है, उनके पासपोर्ट में उनके जन्म की तारीख 1 जून 1889 लिखी गई है। इस लिहाजे से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनकी उम्र 55 साल और सोवियत संघ के पतन के दौरान 102 साल रही होगी। गौरतलब है कि सोवियत रूस का पतन 1991 में हो गया था।

कोकू इस्तामबुलोवा ने द्वितीय विश्व युद्ध को बताया बहुत ही भयानक

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कोकू द्वितीय विश्व युद्ध को दौर को बहुत ही भयानक बताती है। उस समय नाजियों के टैंक उनके घरों के पास से गुजरते थे। अपनी उम्र के राज के सवाल पर इस्तामबुलोवा इसे भगवान की मर्जी बताती है। जहां लोग लंबे समय तक जीने के लिए खेलते-कूदते हैं, कुछ अच्छा खाते हैं उधर इस्तामबुलोवा ने इतने समय तक जिंदा रहने के लिए कुछ भी नहीं किया।

लेकिन उनकी यह जिंदगी अब उन पर ही बोझ बनती जा रही है। वह अपनी जिंदगी में एक भी दिन खुशी नहीं रही। इस उम्र में वह खुद खाना बनाती है। उनके सारे बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्हें संभालने वाला कोई नहीं है।अपनी जवानी में वह गार्डन की खुदाई किया करती थी। अब तो उनसे वह भी नहीं होती। दरअसल कोकू अपनी जिंदगी से पूरी तरह से थक चुकी हूं। उन्हें अब यह लगता है कि भगवान उन्हें सजा दे रहा है।

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