वाह-री-काबिलियत: राष्ट्रपति का नाम तक नहीं बता पाये 69 हजार शिक्षक भर्ती के टॉपरों में शामिल

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वाह-री-काबिलियत: राष्ट्रपति का नाम तक नहीं बता पाये 69 हजार शिक्षक भर्ती के टॉपरों में शामिल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में कोई ऐसी भर्ती नहीं जिसमें शिक्षा माफिया सेंध न लगा दें। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी बिना पेपर के लोग टॉप कर जाते हैं। कुछ ऐसा ही मामला 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में देखने को मिला। टॉपरों की सूची में शामिल होने वाले धर्मेंद्र कुमार पटेल को राष्ट्रपति तक का नाम नहीं पता है। जबकि 150 में से 142 अंक उन्हें मिलें हैं।

Wow Re Ability Could Not Even Tell The Name Of The President 69 Thousand Teachers Included In The Toppers Of Recruitment :

जांच में पता चला कि टॉपरों की सूची में शामिल धर्मेंद्र कुमार पटेल प्रागराज के सरायममरेज के रहने वाले हैं। एएसपी अशोक वेंकटेश ने बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़ा कर पास हुए धर्मेंद्र, विनोद समेत तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में पता चला कि धर्मेंद्र को शिक्षक भर्ती परीक्षा में 150 में से 142 नंबर मिले थे। एएसपी ने धर्मेंद्र से जब पूछा कि देश का राष्ट्रपति कौन है? तो वह इसका जवाब नहीं दे सका। इसके बाद सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए लेकिन वह जवाब नहीं दे पाया। एएसपी का कहना है कि उसकी खामोशी बता रही थी कि वह सहायक शिक्षक भर्ती में कैसे टॉपरों की सूची में शामिल हो गया।

एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से मिली डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए। इनमें 18 का चयन होने का पता चला है। अभी सिर्फ तीन पकड़े गए हैं। अन्य 17 की तलाश की जा रही है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बाकी चीजें सामने आ सकेंगी।

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने परिणाम आने के बाद से ही धांधली का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि फूलपुर, सोरांव, बहरिया आदि क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा अंक पाए हैं। आरोप था कि लगभग 34 अभ्यर्थियों ने 140 नंबर पाए जबकि टीईटी के दौरान 70 से 80 अंक थे। आरोप लगाया था कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल ने अपने करीबियों को फर्जीवाड़ा करके ज्यादा नंबर दिलाए हैं। इसमें पेपर आउट से लेकर कई तरह की सेटिंग का आरोप लगाया था।

 

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में कोई ऐसी भर्ती नहीं जिसमें शिक्षा माफिया सेंध न लगा दें। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी बिना पेपर के लोग टॉप कर जाते हैं। कुछ ऐसा ही मामला 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में देखने को मिला। टॉपरों की सूची में शामिल होने वाले धर्मेंद्र कुमार पटेल को राष्ट्रपति तक का नाम नहीं पता है। जबकि 150 में से 142 अंक उन्हें मिलें हैं। जांच में पता चला कि टॉपरों की सूची में शामिल धर्मेंद्र कुमार पटेल प्रागराज के सरायममरेज के रहने वाले हैं। एएसपी अशोक वेंकटेश ने बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़ा कर पास हुए धर्मेंद्र, विनोद समेत तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि धर्मेंद्र को शिक्षक भर्ती परीक्षा में 150 में से 142 नंबर मिले थे। एएसपी ने धर्मेंद्र से जब पूछा कि देश का राष्ट्रपति कौन है? तो वह इसका जवाब नहीं दे सका। इसके बाद सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए लेकिन वह जवाब नहीं दे पाया। एएसपी का कहना है कि उसकी खामोशी बता रही थी कि वह सहायक शिक्षक भर्ती में कैसे टॉपरों की सूची में शामिल हो गया। एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से मिली डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए। इनमें 18 का चयन होने का पता चला है। अभी सिर्फ तीन पकड़े गए हैं। अन्य 17 की तलाश की जा रही है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बाकी चीजें सामने आ सकेंगी। 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने परिणाम आने के बाद से ही धांधली का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि फूलपुर, सोरांव, बहरिया आदि क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा अंक पाए हैं। आरोप था कि लगभग 34 अभ्यर्थियों ने 140 नंबर पाए जबकि टीईटी के दौरान 70 से 80 अंक थे। आरोप लगाया था कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल ने अपने करीबियों को फर्जीवाड़ा करके ज्यादा नंबर दिलाए हैं। इसमें पेपर आउट से लेकर कई तरह की सेटिंग का आरोप लगाया था।