यादव सिंह की कोर्ट परिसर में पिटाई, वकीलों ने ईडी के अफसरों को भी पीटा

नोएडा: काली कमाई के धनकुबेर चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह को डासना जेल से ईडी की टीम ने सोमवार को मनी लांड्रिंग केस में कोर्ट में पेश किया। जहां ईडी ने केस में पूछताछ के लिए यादव सिंह की रिमांड की मांग की। जिस पर न्यायालय ने यादव सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इस दौरान मनी लांड्रिंग केस में ईडी की टीम 28 फरवरी, एक मार्च व दो मार्च को जिला कारागार में यादव सिंह से पूछताछ करेगी। कोर्ट के आदेश के बाद यादव सिंह को ईडी की टीम मनी लांड्रिंग केस में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में ले जाने के लिए यादव सिंह का मुंह छुपाकर कोर्ट से बाहर निकली, तभी वकीलों के एक झुंड ने यादव सिंह पर हमला बोल दिया। जिसे बचाने के दौरान वकीलों ने ईडी के अफसरों को भी पीट दिया।




काफी मशक्कत के बाद ईडी के अधिकारी यादव सिंह को वहां से एंबुलेंस से ले कर भागे। ईडी के अधिवक्ता केपी सिंह ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम 28 फरवरी के साथ एक व दो मार्च को जेल में यादव सिंह के साथ पूछताछ करेगी। गत 8 अक्टूबर 2015 को ईडी ने लखनऊ की विशेष कोर्ट में यादव सिंह के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कराया था। यादव सिंह पर 140 करोड़ का कालाधन सोने में खपाने का आरोप लगा था। इस मामले में सोमवार को यादव सिंह को लखनऊ के ईडी कोर्ट में पेश किया गया था। इसके लिए सीबीआई की अदालत ने अनुमति दी थी। पेशी के लिए डासना जेल प्रशासन ने सीबीआई की अदालत से अनुमति ले ली थी। अदालत ने कड़ी सुरक्षा में पेशी पर लखनऊ ले जाने और पेशी के बाद अदालत से वापस जेल लाने के आदेश दिए हैं।




ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह करीब एक हजार करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में डासना जेल में बंद थे। सीबीआई की अदालत में उनके मुकदमे की सुनवाई चल रही है। घोटाले में सीबीआई जांच होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरु कर दी थी। बताया जा रहा है कि बसपा शासनकाल में नोएडा के दोनों प्राधिकरण में तैनाती के दौरान यादव सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। घोटाले के खुलासे के बाद ईडी ने उनकी संपत्ति भी सीज कर दी थी। इसी मामले में लखनऊ की प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट से यादव सिंह को तलब किया गया था।