काली कमाई के धनकुबेर यादव सिंह की फर्मों का ईडी ने सीबीआई से मांगा ब्यौरा

लखनऊ। काली कमाई के धन कुबेर यादव सिंह के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। ईडी ने सीबीआई से दागी अभियंता व उसके रिश्तेदारों के नाम से बनी फर्मों का ब्यौरा मांगा है। ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य जुटाने हैं। यह अंदेशा है कि यादव सिंह ने इन्हीं फर्मों के जरिये अपनी काली कमाई का विदेश या कहीं और निवेश किया। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि यादव सिंह से जुड़ी कंपनियों के निदेशक मंडल में रहने वाली सियासी हस्तियों से एक-एक कर पूछताछ की जाएगी। इस दौरान उनसे कंपनियों की संपत्तियों और बैंक खातों में आई रकम के बारे में सवाल किए जाएंगे। जैसे-जैसे काली कमाई सामने आती जाएगी, उसे जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई जांच के आधार पर ही ईडी अपनी भी तफ्तीश को आगे बढ़ाएगी। सीबीआई जांच से तालमेल के लिए ईडी के एक संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को लगाया गया है। विभिन्न कंपनियों के संबंध में सीबीआई की शुरुआती जांच के आधार पर ही ईडी अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। ईडी ने पीएमएल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और नोएडा अथारिटी से उन कंपनियों का ब्योरा मांगा है, जिन्हें वर्ष 2007 से 2012 तक काम दिया गया। साथ ही ईडी के अधिकारी कंपनियों द्वारा नगदी निकासी और बैंक में जमा की गई धनराशि के बारे में भी पड़ताल शुरू की है। ईडी इसी आधार पर कई कंपनियों के निदेशक पद पर रही सियासी हस्तियों से भी पूछताछ करेगी। इसमें सपा के साथ ही बसपा के कई नेताओं के बेटे-बहुओं और भाइयों के नाम शामिल हैं। जांच से जुड़े ईडी के अधिकारियों ने कहा कि जरूरत हुई तो कई बड़ी सियासी हस्तियों से भी पूछताछ की जाएगी।

ईडी ने यादव सिंह की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा हासिल कर इन्हें सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है। यह कार्यवाही इसलिए की जा रही है क्योंकि ईडी यादव सिंह के आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाए जाने वाली संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई करेगी। ईडी ने अभी तक हो रही जांच के दौरान सामने आए यादव सिंह व उसके परिवार के लोगों के नाम से बैंक खातों व लॉकरों की भी जानकारी जुटा ली है।
इनमें कितनी लेन-देन हुई है, इसका ब्यौरा संबंधित बैंकों से मांगा जा रहा है। ऐसे ही जो फर्में सामने आएंगी, उनमें कितनी रकम का किससे लेन-देन हुआ, यह पता किया जाएगा। इसके लिए ईडी यादव सिंह व उसके करीबियों के चार्टर्ड अकाउंटेंटों से पूछताछ भी करेगी। ईडी को पता चला है कि यादव सिंह व करीबियों के नाम से जो फर्में खुली हैं, उनका लेन-देन कोलकाता की कुछ कंपनियों से हुआ है, जिनका विदेश में लेन-देन है। ईडी इस तथ्य की पड़ताल कर रही है।

आपको बता दें कि ईडी ने इसके लिए सीबीआई से यादव सिंह पर दर्ज मुकदमों की कॉपी हासिल कर ली है। ईडी ने इसके साथ ही आयकर विभाग द्वारा यादव सिंह के यहां पहले की गई छापामारी से संबंधित रिपोर्ट व ब्यौरा हासिल कर लिया है। ईडी के अफसरों के मुताबिक सीबीआई से उसके द्वारा यादव सिंह के खिलाफ अभी तक हुई कार्रवाई का भी ब्यौरा मांगा गया है। इस बीच ईडी ने अपने स्तर से भी यादव सिंह प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई है। इसमें सपा सरकार द्वारा यादव सिंह के खिलाफ जांच बैठाने, उन्हें निलंबित करने और फिर बहाल करने व जांच एजेंसी सीबीसीआईडी द्वारा यादव सिंह को क्लीन चिट दिए जाने की जानकारियां शामिल हैं।

ईडी अफसरों का कहना है कि यादव सिंह व उनके करीबियों से जुड़ी फर्मों की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ अभियंता के कारोबारी साझेदारों के बारे में जानकारी जुटाई गई है। यह भी पता किया गया है कि अभी तक यादव सिंह की कितनी संपत्ति और कहां-कहां सामने आई है। कितनों के दस्तावेज बरामद हुए हैं और बैंक खातों की क्या स्थिति है। सूत्र बता रहे हैं कि औपचारिक जांच शुरू होने के बाद अब यादव सिंह के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। इसका ड्राफ्ट दो-तीन दिन में तैयार हो जाएगा। इस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद ईडी जांच में सामने आ रही यादव सिंह की आय से अधिक संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई शुरू करेगी।