यादव सिंह की पत्नी समेत सभी फरार आरोपियों की होगी कुर्की

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में अकूत संपत्ति के मालिक और करोड़ों के भ्रष्टाचार में संलिप्त नोएडा, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे अथारिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह चीफ इंजीनियर यादव सिंह पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है। यादव सिंह मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने सख्त कार्रवाई करते हुए कुर्की का आदेश जारी कर दिया। न्यायालय ने यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता सहित पंकज जैन, ओमपाल सिंह और आरडी शर्मा के खिलाफ कुर्की का आदेश दिया है।




चारों आरोपी पूर्व में गैर-जमानती वारंट और कुर्की के नोटिस चस्पा करने के बाद भी अदालत में हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद अदालत ने आदेश जारी किए हैं। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत से मंगलवार को टेंडर घोटाले के चारों आरोपियों के खिलाफ कुर्की के आदेश हुए। अदालत ने माना कि फ रार आरोपियों द्वारा न्यायिक प्रक्रिया का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है।




आरोपियों में मैसर्स कुसुम गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की निदेशिका कुसुमलता निवासी सेक्टर-51 ए-10 नोएडा, स्थायी निवासी नंदपुरा, आगरा नोएडा प्राधिकरण के जेई ओमपाल सिंह निवासी-412ए सेक्टर-46 नोएडा, नोएडा प्राधिकरण के जेई आरडी शर्मा निवासी गांव हरौला, सेक्टर-5 नोएडा हैं। चौथे आरोपी मैसर्स जेएसपी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज जैन, निवासी नेहरू नगर तृतीय बी-2, फ्लैट संख्या-5 हैं। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि नोएडा ट्रेरिंग घोटाले के आरोप पत्र में मुख्य आरोपी यादव सिंह समेत 11 आरोपी हैं।