‘मौत का एक्‍सप्रेस-वे’ बनता जा रहा है यमुना एक्सप्रेस-वे, 247 हादसों में 127 की मौत

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'मौत का एक्‍सप्रेस-वे' बनता जा रहा है यमुना एक्सप्रेस-वे, 247 हादसों में 127 की मौत

आगरा। यमुना एक्सप्रेस-वे ‘मौत का एक्‍सप्रेस-वे’ बनता जा रहा है। सोमवार सुबह हुए भीषण हादसे में बस में सवार 29 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि बस में सवार 16 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शुरूआती जांच में सामने आया कि चालक को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली को जोड़ने वाला इस एक्सप्रेस-वे पर हादसों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस वर्ष करीब 247 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 127 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी।

Yamuna Expressway 127 Deaths In 247 Accidents This Year :

सोमवार सुबह तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा हुआ। लखनऊ से दिल्ली जा रही बस तेज रफ्तार होने के कारण अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिर गयी। इस हादसे में बस में सवार 29 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। यमुना एक्‍सप्रेस-वे पर सोमवार के हादसे में मारे गए लोगों की संख्‍या को अगर मिला दें तो इस साल अब तक 247 सड़क दुर्घटनाओं में 127 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, वर्ष 2018 का साल भी हादसों से भरा रहा। वर्ष 2018 में 659 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं, जिसमें 110 लोगों की जान चली गयी थी।

इस एक्सप्रेस—वे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। सोमवार की घटना के बारे में लखनऊ यूपीएसआरटीसी के एआरएम अंबरीन अख्‍तर ने कहा, ‘हादसे का शिकार बस 45 वर्षीय कृपा शंकर चौधरी चला रहे थे और सड़क दुर्घटना के मामले में उनका अब तक का शून्‍य रिकॉर्ड रहा है।’ वहीं इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही 24 घंटे में जांच की रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच—पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

गौरतलब है कि अवध डिपो की रोडवेज बस रविवार रात 10 बजे आलमबाग रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को लेकर दिल्ली के लिए निकली थी। बस लखनऊ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड होते हुए तड़के लगभग साढ़े चार बजे करीब बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गई। चालक को झपकी आने के बाद अनियंत्रित होकर बस यमुना एक्सप्रेस- वे की चार फीट ऊंची रेलिंग को तोड़ते हुए 40 फीट गहरे नाले में जा गिरी। बताया जा रहा है कि बस में लगभग 40 से 45 यात्री सवार थे। हादसे के समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। किसी को चीखने का भी मौका नहीं मिला।

आगरा। यमुना एक्सप्रेस-वे 'मौत का एक्‍सप्रेस-वे' बनता जा रहा है। सोमवार सुबह हुए भीषण हादसे में बस में सवार 29 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि बस में सवार 16 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शुरूआती जांच में सामने आया कि चालक को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली को जोड़ने वाला इस एक्सप्रेस-वे पर हादसों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस वर्ष करीब 247 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 127 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। सोमवार सुबह तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा हुआ। लखनऊ से दिल्ली जा रही बस तेज रफ्तार होने के कारण अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिर गयी। इस हादसे में बस में सवार 29 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। यमुना एक्‍सप्रेस-वे पर सोमवार के हादसे में मारे गए लोगों की संख्‍या को अगर मिला दें तो इस साल अब तक 247 सड़क दुर्घटनाओं में 127 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, वर्ष 2018 का साल भी हादसों से भरा रहा। वर्ष 2018 में 659 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं, जिसमें 110 लोगों की जान चली गयी थी। इस एक्सप्रेस—वे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। सोमवार की घटना के बारे में लखनऊ यूपीएसआरटीसी के एआरएम अंबरीन अख्‍तर ने कहा, 'हादसे का शिकार बस 45 वर्षीय कृपा शंकर चौधरी चला रहे थे और सड़क दुर्घटना के मामले में उनका अब तक का शून्‍य रिकॉर्ड रहा है।' वहीं इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही 24 घंटे में जांच की रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच—पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है। गौरतलब है कि अवध डिपो की रोडवेज बस रविवार रात 10 बजे आलमबाग रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को लेकर दिल्ली के लिए निकली थी। बस लखनऊ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड होते हुए तड़के लगभग साढ़े चार बजे करीब बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गई। चालक को झपकी आने के बाद अनियंत्रित होकर बस यमुना एक्सप्रेस- वे की चार फीट ऊंची रेलिंग को तोड़ते हुए 40 फीट गहरे नाले में जा गिरी। बताया जा रहा है कि बस में लगभग 40 से 45 यात्री सवार थे। हादसे के समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। किसी को चीखने का भी मौका नहीं मिला।