यमुना एक्सप्रेस वे पर जनवरी 2018 तक हुए 5000 हादसे, 8191 लोगों की गयी जान

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लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस वे एक खूनी राजमार्ग के रूप में तब्दील हो चला है। राजमार्ग के उद्घाटन की तिथि नौ अगस्त 2012 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक इस एक्सप्रेस वे पर लगभग 5000 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और इन दुर्घटनाओं में 8191 जिंदगियां समाप्त हो चुकी हैं। यह जानकारी एक आरटीआई आवेदन के जरिए सामने आई है।

Yamuna Expressway Ups Highway To Hell Claims Over 8000 Lives Since 2012 :

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब सोमवार को ही इस राजमार्ग पर एक भीषण दुर्घटना में 29 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए हैं। गैर सरकारी संगठन सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई से एक आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल जानकारी के अनुसार राजमार्ग के चालू होने के समय से जनवरी 2018 तक इस पर घटी कुल 5000 दुर्घटनाओं में 703 भीषण दुर्घटनाएं थीं और इनमें 2000 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

यमुना एक्सप्रेस वे पर वर्ष 2012 में नौ अगस्त से लेकर साल के अंत तक कुल 275 दुर्घटनाएं घटी थीं जिसमें 424 लोगों की जान चली गई थीए और 33 लोग अत्यंत गंभीर रूप से घायल हुए थे 87 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थेए 304 लोगों को हल्की चोटें आई थीं।

वर्ष 2018 के जनवरी महीने में कुल 37 दुर्घटनाएं घटीं जिनमें 78 लोग मारे गए और चार लोग अति गंभीर रूप से घायल हुए जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 54 लोगों को हल्की चोटें आई थीं। दुर्घटनाओं के इस पूरे आंकड़े को देखा जाए तो इस राजमार्ग के उद्घाटन के बाद से दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में लगभग हर साल वृद्धि हो रही है।

लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस वे एक खूनी राजमार्ग के रूप में तब्दील हो चला है। राजमार्ग के उद्घाटन की तिथि नौ अगस्त 2012 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक इस एक्सप्रेस वे पर लगभग 5000 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और इन दुर्घटनाओं में 8191 जिंदगियां समाप्त हो चुकी हैं। यह जानकारी एक आरटीआई आवेदन के जरिए सामने आई है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब सोमवार को ही इस राजमार्ग पर एक भीषण दुर्घटना में 29 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए हैं। गैर सरकारी संगठन सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई से एक आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल जानकारी के अनुसार राजमार्ग के चालू होने के समय से जनवरी 2018 तक इस पर घटी कुल 5000 दुर्घटनाओं में 703 भीषण दुर्घटनाएं थीं और इनमें 2000 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। यमुना एक्सप्रेस वे पर वर्ष 2012 में नौ अगस्त से लेकर साल के अंत तक कुल 275 दुर्घटनाएं घटी थीं जिसमें 424 लोगों की जान चली गई थीए और 33 लोग अत्यंत गंभीर रूप से घायल हुए थे 87 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थेए 304 लोगों को हल्की चोटें आई थीं। वर्ष 2018 के जनवरी महीने में कुल 37 दुर्घटनाएं घटीं जिनमें 78 लोग मारे गए और चार लोग अति गंभीर रूप से घायल हुए जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 54 लोगों को हल्की चोटें आई थीं। दुर्घटनाओं के इस पूरे आंकड़े को देखा जाए तो इस राजमार्ग के उद्घाटन के बाद से दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में लगभग हर साल वृद्धि हो रही है।