यशवंत सिन्हा को बेटे जयंत का जवाब, संकुचित दृष्टिकोण है आर्थिक सुधारों की आलोचना का कारण

यशवंत सिन्हा को बेटे जयंत का जवाब, संकुचित दृष्टिकोण है आर्थिक सुधारों की आलोचना का कारण

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फैसले पर तीखा प्रहार करने वाले भूत पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा को उनके ही बेटे और केन्द्रीय   ने बिना नाम​ लिए एक ब्लाग के माध्यम से जवाब दिया है। जयंत सिन्हा ने लिखा है कि हाल ही में भारतीय अर्थव्यवस्था में हुए सुधारों को लेकर कई लेख सामने आए हैं। इन तमाम लेखों में एक बड़े प्रभाव की अनदेखी कर संकुचित ​दृष्टिकोण के साथ के साथ छोटे आंकड़ों को तरहजी दी जा रही है। दो तिमाही के जीडीपी आंकड़ों और छोटे आंकड़ों को तो देखा जा रहा है, लेकिन अर्थव्यवस्था के मूलभूत ढ़ांचे में किए गए सुधारों से लंबे समय तक सामने आने वाले परिणामों के बारे में नहीं देखा गया।

जयंत ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे सुधार महात्वाकांक्षी ना होकर आवश्यक ​फैसले थे, इन सुधारों के बिना नए भारत की कल्पना और करोड़ों हाथों को रोजगार देना संभव नहीं है। हम आज जिस अर्थव्यवस्था का आधार रख रहे हैं, जो ज्यादा पारदर्शी, वैश्विक, मूल्य प्रतिस्पर्धी और नई संभावनाओं वाली होगी।

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उनके मुताबिक नोटबंदी, जीएसटी और डिजिटल पेमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था को नया स्वरूप देने में गेम चेंजर की भूमिका में होंगे। जो गैर संगठित क्षेत्र अब तक ​कराधान प्रक्रिया के बाहर रह जाते थे उन्हें वर्तमान सरकार एक कराधान प्रक्रिया में लाकर सं​गठित क्षेत्र के रूप में पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। अब तक ये गैरसंगठित क्षेत्र अर्थव्यवस्था के आंकड़ों का हिस्सा नही थे। केन्द्र सरकार के प्रयासों से यह क्षेत्र संगठित होंगे, इनके भुगतान डिजिटल होंगे, जिससे इन्हें टैक्स के दायरे में लाकर इन क्षेत्रों को तेजी से विकसित किया जा सकेगा। टैक्स प्रक्रिया और डिजिटल भुगतानों के आने से बैंक भी इन क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आगे आएंगे। जिससे तेजी से नए रोजगार सृजित होंगे।

केन्द्रीय मंत्रालयों में पोलिसी निर्माण का कार्य​ पूरी तरह से नियमों पर आधारित होगी। प्राकृतिक संपदा को दोहन के लिए दिए जाने वाले ठेके पट्टों की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनाई गई है। नया बैंकरप्सी कोड लाया गया है जिससे बैंकिंग सेक्टर में विश्वास जागा है। बैंक नॉन परफार्मर्स के खिलाफ कर्ज बसूली की प्रक्रिया तेज और आसान बनी है।

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सिन्हा ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रही पारदर्शिता से विदेशी निवेश में इजाफा होगा। 2014 में भारत में विदेशी निवेश 36 बिलियन डॉलर का था जो 2017 में बढ़कर 60 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। केन्द्र सरकार ने ऐसे कदम उठाए हैं जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारत एक खुली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

उन्होंने केन्द्र सरकार की जनधन योजना, ग्राम्य विद्युतीकरण मिशन, सड़क निर्माण कार्यों में आई तेजी, रेलमार्गों के विस्तार, सस्ते ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों पर सरकार के निवेश का जिक्र करते हुए कहा है कि सरकार भारत में विश्व स्तरीय मूलभूत सुविधाओं का ढ़ाचा खड़ा करने का काम कर रही है। जिससे भारत में विश्वस्तरीय औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए विदेशी निवेशकों को आ​कर्षित किया जा सकेगा। आने वाले समय में भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में ​समाने आयेगा जिसका आधार कम लागत पर श्रेष्ठ उत्पादन वाले उद्योग होंगे।

उन्होंने बताया कि दुनिया का रुख भारत की ओर हुआ है, इसका सबसे बड़ा साक्ष्य भारत के एयरपोर्ट के आंकड़े बताते हैं। जहां विदेश से आने वालों की संख्या में गत तीन वर्षों में 6 करोड़ यात्रियों का ​इजाफा हुआ है।

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सीधे शब्दोें कहा जाए तो यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा पूरी तरह से अपने पिता के विचार से असहमत नजर आए। उनके ​मुताबिक भारत सरकार की वर्तमान अर्थनीति सही दिशा में बढ़ रही है। जिसकी समीक्षा करने का उचित समय यह नहीं है। उन्हें पूरा भरोसा है कि वर्तमान में अंजाम दिए गए आर्थिक सुधार भविष्य के भारत का आधार बनेंगे।