यशवंत सिन्हा का जेटली पर वार, बोले सुपरमैन ने चौपट कर दी अर्थव्यवस्था

80 साल की उम्र में नौकरी ढूढ़ने की बात हास्यस्पद: यशवंत सिन्हा

नई दिल्ली। देश में भूत पूर्व वित्तमंत्री और ​भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र के लिए लिखे अपने एक लेख से नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। लेख से सिन्हा ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की क्षमताओं पर सवाल खड़ा करते हुए कह है कि वह एक अकुशल वित्त मंत्री साबित हुए हैं। उनके रहते भारत की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है। यह बात सरकार में मौजूद कई लोग जानते हैं लेकिन किसी में यह बात कहने की हिम्मत नहीं है।

सिन्हा ने लिखा है कि वह अबतक चुप चाप सब देख रहे थे, लेकिन अब उन्हें लगता है कि वह चुप नहीं रह सकते। उन्हें महसूस हुआ कि अब उन्हें देश के प्रति अपने कर्तव्य को नहीं निभाना पूरे देश के साथ अन्याय करने जैसा होगा। इसलिए उन्होंने देश हित में आवाज उठाने का फैसला किया है।

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यशवंत सिन्हा ने अपने अनुभव जिक्र करते हुए कहा कि वह जानते हैं वित्त मंत्रालय में कितना काम होता है। जिसे किसी सुपरमैन के तरीके से नहीं किया जा सकता। वित्त मंत्रालय संभालने वाला व्यक्ति केवल एक ही मंत्रालय संभाल सकता है। जिसके लिए उसे पूरा समय वित्तमंत्रालय को देना पड़ता है।

उन्होंने अपने लेख में लिखा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर पहले से ही नीचे की ओर जा रही थी ऐसे समय में नोटबंदी ने उसे बिलकुल गर्त में ले जाने का काम किया है। अब हालात ऐसे हैं कि मानो सब चौपट होने वाला है। भारत का औद्योगिक उत्पादन लगातार घट रहा है, निर्यात तेजी से घटा है, कृषि की हालत गंभीर है, मूलभूत सेवाओं और सर्विस सेक्टर की हालत खराब है, रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, नए रोजगार पैदा नहीं हो रहे और निवेश गिरता जा रहा है। इसके ऊपर से जीएसटी भी लाद दिया गया। जिसकी वजह से कई लोग डूब गए। नई संभावनाएं कहीं नजर नहीं आ रहीं।

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उन्हेंने कहा है कि ​जीएसटी को जिन विसंगतियों के साथ लागू करने में जितनी तेजी दिखाई गई वह उचित नहीं था। जीएसटी को सुधार के साथ लागू करना था या फिर जो विसंगतियां सामने आईं उन्हें दूर करने के लिए तेजी दिखाई जानी चाहिए थी। नोटबंदी से टूटे कारोबारियों पर जीएसटी लागू होने से दोहरी मार पड़ी है।

सिन्हा ने लिखा है वह नहीं जानते कि आखिर अरुण जेटली में ऐसी कौन सी काबलियत है जिसके आधार पर उन्हें वित्त मंत्री बनाया जाना सरकार बनने से पहले ही तय हो गया था। जबकि वह बतौर नेता अपना लोकसभा चुनाव तक नहीं जीत पाए थे। आज वह वित्त मंत्रालय के साथ—साथ दो अन्य मंत्रालयों का काम भी संभालते हैं।

यशवंत सिन्हा के इस लेख के बाद विपक्षी नेताओं ने अरुण जेटली को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दीं हैं। पूर्व वित्तमंत्री पी0 चिदंबरम और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने अरुण जेटली पर जमकर निशाना साधा है।

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