साल 2016 की कुछ अनचाही यादें, नामुमकिन है भूल पाना

नई दिल्ली। बस कुछ दिन और, फिर शुरुआत होंगी एक नए साल की। देखते देखते 365 दिन गुजर गए। ऐसा लगता है जैसे अभी कुछ दिन पहले ही हम एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनायें दे रहे थे। वक्त थमता नहीं, दिन हफ़्तों में, हफ्ते महीनों में और महीने साल में बदलते जाते हैं। पुराना बीत जाता है और नया साल आ जाता है। लेकिन बदलता क्या है? सिर्फ तारीख? या कुछ और भी। जी हां, गुजरते वक्त के साथ और भी बहुत कुछ बदल जाता है। बहुत से पलों को तो हम भूल भी जाते हैं। पर बात करे देश की तो कुछ ऐसी घटनायें जिन्हे आसानी से नहीं भुलाया जा सकता।



नोटबंदी

नोटबंदी भारत के इतिहास की वो ऐतिहासिक घटना, जिसने पूरे देश को बदलकर रख दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात को अचानक ऐलान कर दिया कि 500 और 1000 के नोट 9 नवंबर से अमान्य होंगे। इसके बाद पूरे देश में जो माहौल था वो पूरी दुनिया ने देखा। करोड़ों लोग एटीएम और बैंक की कतार में नजर आए, तो वहीं तमाम विपक्षी पार्टियां सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगीं। नोटबंदी के 50 दिन होने वाले हैं, लेकिन अभी तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं।

जेएनयू हंगामा

9 फरवरी 2016 की शाम जेएनयू में होने वाला एक कार्यक्रम उस समय विवाद का कारण बन गया, जब कैंपस के अंदर ‘भारत की बर्बादी’ ‘तुम कितने अफजल मारोगे घर-घर से अफजल निकलेगा’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लगने लगे। हंगामे के बाद जेएनयू छात्र संघ के नेता कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि कुछ दिनों के बाद कन्हैया को जमानत भी मिल गई, लेकिन जेएनयू विवाद कई दिनों तक मीडिया में छाया रहा।



रोहित वेमुला खुदकुशी

2016 की शुरुआत में ही हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी की खबर पूरे देश में चर्चा का विषय रही। तमाम राजनीतिक पार्टियों को सिसायत करने का मौका मिल गया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी हैदराबाद पहुंचे। यहां तक पीएम मोदी भी एक कार्यक्रम के दौरान रोहित का जिक्र करते हुए भावुक हो गए।

सर्जिकल स्ट्राइक

उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किया। 29 सितंबर की आधी रात को भारत ने नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर सर्जिकल हमला कर 8 आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए।



उरी हमला

17 सितंबर को तड़के आतंकियों ने उरी में आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। इस हमले में सेना के 17 जवान शहीद हो गए। पूरी दुनिया में पाक की इस नापाक हरकत की निंदा हुई। पिछले कुछ सालों में इस तरह आर्मी पर किया गया ये सबसे बड़ा हमला था। सेना के जवान गहरी नींद में थे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया।



पठानकोट हमला

नए साल की शुरुआत में ही पाक की नापाक हरकत सामने आई, जब पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमला हुआ। लगातार पांच दिनों तक ये ऑपरेशन जारी रहा, इसमें 7 जवान शहीद हो गए जबकि सेना के जवानों ने जबाबी कार्रवाई में जवानों ने 6 आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया।

बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में हिंसा

इसी साल जुलाई में हिजबुल मुजाहिदीन के ‘कमांडर’ बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में एक बार फिर हिंसा भड़की। घाटी में हालात इतने बिगड़े की कई लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग वानी के समर्थन में सड़क पर उतर आए। घाटी में हालात आज भी पहले जैसे नहीं हो पाए हैं।



जयललिता की मौत

चार बार तमिलनाडु की मुख्यमत्री रह चुकी जयललिता की मौत उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए चौकाने वाली खबर रही। 75 दिनों तक अस्पताल में भर्ती जयललिता के लिए पूरे देश में दुआओं का दौर चलता रहा, लेकिन 5 दिसंबर की आधी रात को वो जिंदगी की जंग हार गईं।



रेल हादसा

हमारे देश में ट्रेन का सफर सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन 21 नवंबर को ऐसा हादसा हुआ कि कई लोगों की जिंदगी तबाह हो गई। यूपी के कानपुर में इंदौर से पटना जा रही इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें करीब 150 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। इस हादसे में कई परिवार खत्म हो गए, तो कई बच्चे अनाथ हुए। हाल के सालों में ये सबसे भीषण ट्रेन हादसा था।