भारत न सही लेकिन इस मुस्लिम देश ने दिया योग को खेल का दर्जा

नई दिल्ली। योग को लेकर भारत में राजनीति तो खूब हुईं लेकिन आज तक हम इस मुद्दे पर कभी भी एकजुट नहीं हुए। वहीं मुस्लिम देश सऊदी अरब में इस खेल का दर्जा दे दिया गया। सऊदी अरब की इस पहल से योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाए जाने के ऐलान के बाद योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली थी, लेकिन इसके बाद भी योग को लेकर विवाद होता रहता था। भारत में योग को को धर्म से जोड़ा जाने लगा था और इस पर खूब सियासत होती रही है।

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सऊदी अरब में योग को मिले इस दर्जे के पीछे नउफ मरवई को श्रेय दिया जा रहा है। वह सऊदी अरब की पहली महिला योग प्रशिक्षक हैं। उन्होंने गल्फ देशों में योग के प्रचार के लिए काफी काम किया है। इसके लिए 35 वर्षीय नाउफ को अक्टूबर 2015 में भारतीय काउंसलेट द्वारा उनके इस काम के लिए सम्मानित भी किया गया था।

कौन है नाउफ
नाउफ सऊदी की पहली सर्टिफाइड योग और आयुर्वेद एक्सपर्ट हैं जिन्हें 2010 में यह सर्टिफिकेट मिला था। नाउफ, जेद्दाह में स्थित रियाद-चायनीज मेडिकल सेंटर की संस्थापक भी हैं। यह पहला सेंटर है जो यहां वैकल्पिक उपचार उपलब्ध करवा रहा है। नाउफ गल्फ योग गठबंधन की रिजनल डायरेक्टर भी हैं।

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नाउफ के लिए योग कोई नई चीज नहीं थी। उनके पिता मोहम्मद ने 1980 से पहले अरब मार्शियल आर्ट फेडरेशन की स्थापना की जिसके चलते नाउफ ने महज 19 साल की उम्र में ही योग करना शुरू कर दिया था। वक्त के साथ उन्हें इस कोशिश में भारतीय योग गुरुओं का भी साथ मिला। हालांकि, संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में वो खुद प्रैक्टिस करती रहीं।

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