सीएम योगी आदित्यनाथ आज विधान सभा में पेश करेंगे UPCOCA बिल

सीएम योगी आदित्यनाथ ,UPCOCA बिल
सीएम योगी आदित्यनाथ आज विधान सभा में पेश करेंगे UPCOCA बिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए लाए गए यूपीकोका बिल को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आज विधानसभा में पेश करेंगे। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका कानून की बुनियाद रख दी है, बस इसे अब विधानसभा में पारित करने की देरी है। इस कानून के लागू होने के बाद यूपी में अपराध और आपराधिक घटनाओं में काफी कमी देखने को मिल सकती है।

Yogi Adityanath Government Will Put Upcoca Bill In Vidhan Sabha Today :

बता दें कि संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) बिल पिछले साल 21 दिसंबर को विधानसभा से पास हो गया था। जिसके बाद बिल को विधान परिषद भेजा गया। लेकिन विपक्षी पार्टियों की आपत्तियों के बाद इसे सदन की प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था। वहां से लौटने के बाद बीते 13 मार्च को सरकार द्वारा इस पर विचार का प्रस्ताव विपक्ष की एकजुटता के कारण गिर गया था। लिहाजा अब प्रक्रिया के तहत इसे फिर से विधानसभा में पेश किया जा रहा है।

सरकार का दावा है कि इस कानून के आने के बाद से अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन कब्जे, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे संगठित अपराध बिलकुल न के बराबर हो जाएंगे।

सजा का है प्रावधान
विधेयक में संगठित अपराध के लिए सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। संगठित अपराध अगर किसी की मौत होने की स्थिति में मृत्युदंड या आजीवन कारावास की व्यवस्था है। इसके साथ ही न्यूनतम 25 लाख रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है। किसी अन्य मामले में कम से कम 7 साल के कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है और न्यूनतम 15 लाख रुपये का अर्थदंड भी प्रस्तावित है। विधेयक संगठित अपराध के मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए विशेष अदालत के गठन का प्रावधान करता है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए लाए गए यूपीकोका बिल को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आज विधानसभा में पेश करेंगे। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका कानून की बुनियाद रख दी है, बस इसे अब विधानसभा में पारित करने की देरी है। इस कानून के लागू होने के बाद यूपी में अपराध और आपराधिक घटनाओं में काफी कमी देखने को मिल सकती है।बता दें कि संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) बिल पिछले साल 21 दिसंबर को विधानसभा से पास हो गया था। जिसके बाद बिल को विधान परिषद भेजा गया। लेकिन विपक्षी पार्टियों की आपत्तियों के बाद इसे सदन की प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था। वहां से लौटने के बाद बीते 13 मार्च को सरकार द्वारा इस पर विचार का प्रस्ताव विपक्ष की एकजुटता के कारण गिर गया था। लिहाजा अब प्रक्रिया के तहत इसे फिर से विधानसभा में पेश किया जा रहा है।सरकार का दावा है कि इस कानून के आने के बाद से अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन कब्जे, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे संगठित अपराध बिलकुल न के बराबर हो जाएंगे।सजा का है प्रावधान विधेयक में संगठित अपराध के लिए सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। संगठित अपराध अगर किसी की मौत होने की स्थिति में मृत्युदंड या आजीवन कारावास की व्यवस्था है। इसके साथ ही न्यूनतम 25 लाख रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है। किसी अन्य मामले में कम से कम 7 साल के कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है और न्यूनतम 15 लाख रुपये का अर्थदंड भी प्रस्तावित है। विधेयक संगठित अपराध के मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए विशेष अदालत के गठन का प्रावधान करता है।