योगी दरबार में पहुंची डॉक्टर कफील की मां, 400 फरियादियों की सुनी समस्याएं

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। यहां रविवार सुबह उन्होने हर बार की तरह जनता दरबार लगाया। सीएम योगी ने करीब 400 लोगों की समस्यायें सुनी और अधिकारियों से जल्द ही कार्रवाई के निर्देश दिये। सीएम के जनता दरबार में डॉक्टर कफील की मां भी पहुंची हुई थी। उन्होने सीएम योगी से कहा, उनका बेटा निर्दोष है, उसे फंसाया गया है।

Yogi Adityanath Janta Darbar Gorakhpur Doctor Kafeel Mother :

बताते चलें कि अगस्त में गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से करीब 63 बच्चों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें डॉक्टर कफील भी शामिल थे। साथ ही कफील पर निजी प्रैक्टिस का भी आरोप लगा था। सरकार ने इस पूरे मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रधानाचार्य, डॉक्टर कफील सहित कुल 9 आरोपियों को जेल भेज दिया था।

विभागीय जांच व आपराधिक मामलों में कार्रवाई का आदेश दिया था।

मंदिर में सुबह की पूजा-

इससे पहले मुख्यमंत्री की सुबह की दिनचर्या परंपरागत रही। आवास से निकलने के बाद वह सबसे पहले गुरु गोरखनाथ के मंदिर में गए और वहां उनकी पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की। गुरु अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने करीब आधा घंटा गौशाला में गुजारा और फिर फरियादियों के बीच पहुंच गए। करीब 2 घंटा समस्याओं को सुनने का सिलसिला चला।

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। यहां रविवार सुबह उन्होने हर बार की तरह जनता दरबार लगाया। सीएम योगी ने करीब 400 लोगों की समस्यायें सुनी और अधिकारियों से जल्द ही कार्रवाई के निर्देश दिये। सीएम के जनता दरबार में डॉक्टर कफील की मां भी पहुंची हुई थी। उन्होने सीएम योगी से कहा, उनका बेटा निर्दोष है, उसे फंसाया गया है। बताते चलें कि अगस्त में गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से करीब 63 बच्चों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें डॉक्टर कफील भी शामिल थे। साथ ही कफील पर निजी प्रैक्टिस का भी आरोप लगा था। सरकार ने इस पूरे मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रधानाचार्य, डॉक्टर कफील सहित कुल 9 आरोपियों को जेल भेज दिया था। विभागीय जांच व आपराधिक मामलों में कार्रवाई का आदेश दिया था। मंदिर में सुबह की पूजा- इससे पहले मुख्यमंत्री की सुबह की दिनचर्या परंपरागत रही। आवास से निकलने के बाद वह सबसे पहले गुरु गोरखनाथ के मंदिर में गए और वहां उनकी पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की। गुरु अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने करीब आधा घंटा गौशाला में गुजारा और फिर फरियादियों के बीच पहुंच गए। करीब 2 घंटा समस्याओं को सुनने का सिलसिला चला।